शिक्षा

'यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन' (यूनेस्को) ने हाल ही में वर्ष 2017-18 के लिए 'द ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग (जीईएम) रिपोर्ट' को जारी किया है। रिपोर्ट में दुनियाभर में स्कूली शिक्षा के हालात पर प्रकाश डाला गया है। लेकिन यूनेस्को की रिपोर्ट, भारत में स्कूली शिक्षा को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित नजर आ रही है। रिपोर्ट का नाम 'अकाउंटेबिलिटी इन एजुकेशन' भी भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ज्यादा प्रतीत होता है। यूनेस्को द्वारा जारी रिपोर्ट में भारत सहित अन्य देशों में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में अकाउंटेबिलिटी अर्थात जवाबदेही क

निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोत्तरी और उस पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से की जा रही कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। बेशक निजी स्कूलों को मनमाने ढंग से फीस में बढ़ोत्तरी को अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन फीस बढ़ोतरी नियंत्रित कैसे हो इसके तरीके अलग अलग हो सकते  हैं। निजी स्कूलों के फीस नियंत्रण पर चर्चा करने से पहले एक अहम सवाल यह है कि छठवें और सातवें वेतन आयोग के बाद अध्यापकों के वेतन में जो बढ़ोत्तरी हुई है, क्या उसी अनुपात में सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर भी बढ़ा है?

- सरकार व शिक्षा विभाग पर स्कूलों के साथ भेदभाव का आरोप, प्रधानमंत्री व राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख मामले से कराया अवगत
- देशभर के 60,000 से अधिक स्कूलों के शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराया विरोध

सरकारी नियंत्रण फर्जीवाड़े़ और काला बाजारी को बढ़ावा देता है। यह सत्य का दमन करता है और वस्तुओं की गहन कृत्रिम कमी पैदा करता है। यह लोगों को कहीं का नहीं छोड़ता है और उन्हें उपक्रमण से वंचित करता है। यह लोगों को स्वावलंबी होने के गुणों का नाश करता है। जाहिर तौर पर, सरकार की बढ़ती शक्तियां मुझे भयभीत करती है। भले ही यह लोगों को शोषित होने से बचाकर यह अच्छा काम करती है, लेकिन व्यैक्तिकता (निजी), जो कि सभी उन्नतियों के हृदय में वास करती है, को नष्ट कर यह मानवता को भीषण हानि पहुंचाती है.. : महात्मा गांधी

निजी स्कूलोँ को उनके क्लासरूम के आकार के हिसाब से जज करने के बजाए उनके रिजल्ट के आधार पर क्योँ नही जज किया जा सकता है? हमारे लिए लाइब्रेरी के साइज के बारे में जानने के बजाए यह जानना जरूरी क्योँ नही हो सकता है कि बच्चोँ में पढ़ने का कौशल कितना है?

निजी स्कूलोँ को उनके क्लासरूम के आकार के हिसाब से जज करने के बजाए उनके रिजल्ट के आधार पर क्योँ नही जज किया जा सकता है? हमारे लिए लाइब्रेरी के साइज के बारे में जानने के बजाए यह जानना जरूरी क्योँ नही हो सकता है कि बच्चोँ में पढ़ने का कौशल कितना है? हमारे लिए यह तय करना जरूरी क्योँ है कि एक गणित के अध्यापक की योग्यता क्या है, जबकि यह जानना जरूरी है कि उसके छात्र गणित में कितने कुशल हो रहे हैं?

शिक्षा के लिए एक नई राष्ट्रीय नीति (नेशनल पॉलिसी) तैयार करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल ही में एक कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी को पहले दो वर्षोँ तक देश भर में इस विषय पर हुई मंत्रणा का लाभ मिलेगा। चूंकि वर्तमान दौर में शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता एक गम्भीर मुद्दा बन गया है, ऐसे में कमिटी से काफी उम्मीदेँ भी लगाई जा रही हैं।

सभी बच्चोँ को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए लाए गए अधिनियम ‘फ्री एंड कम्पल्सरी एजुकेशन एक्ट-2009’, जिसे आमतौर पर आरटीई एक्ट के नाम से भी जाना जाता है, की खामिया अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगी हैं।

हाल ही में लोकसभा में एक एक विधेयक पारित हुआ है जिसके कानून बन जाने की सूरत में देश मे लगभग आठ लाख शिक्षकों की कमी हो जाएगी। पारित विधेयक के अनुसार 31 मार्च 2019 तक सभी सरकारी ग़ैरसरकारी शिक्षको को बीएड की डिग्री हासिल करनी है अन्यथा वो कहीं पढ़ाने योग्य नही रहेंगे। लोकसभा में पारित मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार संशोधन विधेयक में हुई चर्चा के दौरान ये बात सामने आयी कि इस समय निजी स्कू लों में करीब 5 लाख और सरकारी स्कूलों में ढाई लाख से ज्यादा गैर प्रक्षिशित लोग पढ़ा रहे है जो काफी नुकसानदायक है। फिलहाल ये विधेयक राज्य सभा मे जाएगा और देश की

भारत में फीस लेने वाले प्राइवेट स्कूलों को स्नेह और नापसंदगी दोनों समान रूप से प्राप्त है। बच्चों की शिक्षा के लिए एक तरफ तो ये स्कूल अभिभावकों के लिए काफी मूल्यवान हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हें या तो 'बच्चों के जीवन के साथ खेलने वाली शिक्षा की दुकानों (टीचिंग शॉप्स)' अथवा ऊंची फीस वसूलने वाले मुनाफाखोर संस्थाओं के तौर पर नापसंद भी किया जाता है। प्राइवेट स्कूलों की नैतिकता का प्रश्नचिन्ह होने के बावजूद देश में सभी प्रकार की प्राइवेट शिक्षा जैसे कि झुग्गी झोपड़ियों में चलने वाले प्राइवेट स्कूलों से लेकर कुलीन प्राइवेट स्कूलों के विस्तार के साथ एक

Pages