Maoist Violence

माओवादी हिंसा से जुड़ी खबरों को लेकर बहुत चिंतित ना हों। झारखंड सरकार और वहां के लोग आगे बढ़ने को तत्पर हैं और पूरी संभावना है कि राज्य 10 फीसदी की विकास दर हासिल कर ले।

पिछले कुछ महीनों के दौरान मैंने अपना काफी समय झारखंड में बिताया है। इस दौरान मैं वहां नए साल के जश्न में भी शरीक हुआ। झारखंड का मतलब रांची, धनबाद, बोकारो या जमशेदपुर ही नहीं है। मैंने सड़क और रेल मार्ग के जरिए खूंटी, गुमला, लोहरदग्गा, लातेहर, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर, दुमका और पाकुर की यात्रा की। जो लोग झारखंड से भली-भांति परिचित नहीं है उनके लिए इनमें से कुछ नाम अनजाने लग सकते हैं। ये झारखंड के 24 जिलों में से कुछ के नाम हैं। यहां के 18 जिले वामपंथी उग्रवाद या माओवाद के गढ़ के तौर पर देखे जाते हैं।

Author: 
बिबेक देबरॉय