दक्षिण एशिया में गरीबी

पिछले सप्ताह विश्व बैंक ने विश्व में गरीबी की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की। मनुष्य होने के नाते इस दस्तावेज को पढ़ना आनंददायी रहा, क्योंकि इससे पता लगता है कि कितनी तेजी से हर जगह भीषण गरीबी कम हो रही है। लेकिन, भारत के नागरिक के रूप में रिपोर्ट को पढ़ना निराशाजनक रहा। इसके कारणों पर हम आगे चर्चा करेंगे। पहले अच्छी खबर पर बात करें। 1981 में 1.9 अरब लोग भीषण गरीबी की स्थिति में रह रहे थे, मतलब यह कि प्रतिदिन प्रतिव्यक्ति खर्च बमुश्किल ३क् रुपए था। लेकिन 2010 तक बेहद गरीब लोगों की संख्या घटकर 1.2 अरब रह गई।