हांगकांग

देश 67वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जी जान से जुटा हुआ है। यह वह मौका है जब हम दुनिया को अपनी ताकत, विभिन्नता में एकता और आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक प्रचुरता आदि से अवगत कराते हैं। हम यह प्रदर्शित करते हैं कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से देश व देशवासियों ने क्या क्या अर्जित किए हैं। निसंदेह आजादी के बाद से देश ने काफी प्रगति की है और दुनियाभर में अपनी मेधा और फौजी ताकत से काफी सम्मान बटोरा है। लेकिन कुछ प्रश्न अब भी उतने ही प्रासंगिक हैं जो छह दशक पहले थे। 10 अगस्त 2003 को अंग्रेजी दैनिक 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में स्वामीनाथन एस.

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

 

हम भारतीय असहज मुद्दों से बचने में उस्ताद  हैं। असहज मामलों पर चर्चा करने के बजाय हम ढोंगी और झूठा बनना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा ही एक मुद्दा है शराब के सेवन का, जिस पर चर्चा से परहेज करना हम अच्छी तरह सीख चुके हैं। हमसे उम्मीद की जाती है कि हम शराब से संबंधित हर चीज की सार्वजनिक रूप से आलोचना करेंगे।