डॉक्टर

कितने आश्चर्य की बात है कि जो लोग सोचतें हैं कि वे डॉक्टर, अस्पताल और दवाईयों का खर्च वहन नहीं कर सकते हैं, वे ही लोग ये सोचतें हैं कि वे डॉक्टर, अस्पताल, दवाईयां और इसकी देखरेख के लिए सरकारी अफसरशाही के खर्च को वहन कर सकते हैं..
- थॉमस सोवेल
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हम भारतीय असहज मुद्दों से बचने में उस्ताद  हैं। असहज मामलों पर चर्चा करने के बजाय हम ढोंगी और झूठा बनना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसा ही एक मुद्दा है शराब के सेवन का, जिस पर चर्चा से परहेज करना हम अच्छी तरह सीख चुके हैं। हमसे उम्मीद की जाती है कि हम शराब से संबंधित हर चीज की सार्वजनिक रूप से आलोचना करेंगे।