कानून तथा न्यायपालिका

हमारे जीवन में कानून की क्या और कितनी आवश्यकता है? कानून का असल काम क्या है और कानून दरअसल क्या कर रहा है, इस विषय पर फ्रेंच विचारक बास्तियात के विचारों पर अपनी राय प्रकट कर रहे हैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाऊंडेशन के रिसर्च फेलो शिवानंद द्विवेदी..

गुजरात विधानसभा में 14 मार्च को बजट सत्र के दौरान हुई एक शर्मनाक हरकत ने पूरे देश का ध्यान खींचा। कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों में जमकर हाथापाई हुई। कांग्रेस विधायक प्रताप दुधार्क ने बीजेपी के जगदीश पंचाल को सदन में थप्पड़ मार दिया। इसके जवाब में बीजेपी के विधायकों ने कांग्रेस के विधायक अमरीष डेर की पिटाई कर दी। दरअसल सदन के भीतर रेप आरोपी आसाराम पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक इस पर सत्तापक्ष से अतिरिक्त सवाल पूछना चाह रहे थे लेकिन बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया। इस बीच प्रश्नकाल समाप्त हो गया तो कांग्रेस विधायक आपा खो बै

फ्रेडरिक बास्तियात ने 168 वर्ष पूर्व ही कानून के लिए तीन सर्वाधिक महत्वपूर्ण कर्तव्यों के बारे में बताया था; एक निजता के अधिकार की रक्षा, स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और संपत्ति के अधिकार की रक्षा लेकिन वर्तमान में कानून इन तीन अति महत्वपूर्ण कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रीत नहीं करता है

वैज्ञानिक तौर पर यह सिद्ध हो चुका है कि बांस, पेड़ नहीं बल्कि घांस की एक प्रजाति है। भारत दुनिया में बांस का सबसे बड़ा उत्पादक देश है इसके बावजूद अगरबत्ती की तीलियों सहित बांस से बनने वाले अन्य उत्पादों के निर्माण के भारत दुनिया में सबसे अधिक बांस का आयात भी करता है। कारण यह कि बांस के पेड़ के रूप में वर्गीकृत होने के कारण इसके काटने पर रोक है। बांस के उत्पादन और इसे काटने की अनुमति मिल जाने पर बड़ी आबादी बेरोजगारी के जंजाल से मुक्त हो सकती है। साथ ही इससे अर्थव्यवस्था में लगभग 1000 करोड़ रूपए का योगदान हो सकता है..। हाल ही में प्रधानमंत्री न

क्या आपको पता हैः एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के मुताबिक देश में पतंग और गुब्बारे बनाने, मरम्मत करने और उड़ाने के लिए लाइसेंस का होना अनिवार्य है। ये लाइसेंस ठीक वैसे हैं जैसे एयरक्राफ्ट को उड़ाने के लिए पायलट व उसके मरम्मत करने के लिए विशेषज्ञता वाले लाइसेंस की जरूरत होती है। निर्धारित लाइसेंस के बगैर पतंग अथवा गुब्बारे उड़ाने पर कम से कम 2 वर्ष की कैद और 10 लाख रूपए के जुर्माने का प्रावधान है। इस प्रकार, सभी देशवासी जाने-अनजाने कानून तोड़ने के अपराधी बन रहे हैं। आइए, इस अनुपयोगी कानून के समापन के लिए मिलकर आवाज उठाएं..

मामा मेहुल चौकसी और भांजे नीरव मोदी की जोड़ी ने देश के सरकारी बैंकिंग सिस्टम की जड़ें हिला दी हैं। 11,600 करोड़ से ज्यादा का ये घोटाला आजकल देश में हर किसी की जुबान पर है। कोई इसे चटखारे लेकर बयान कर रहा है तो किसी ने इसे अपनी राजनीति चमकाने का हथियार बना लिया है। हैरत ये है कि कैसे फर्जी गारंटियों के दम पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंकिग सिस्टम को भेद नीरव मोदी चूना लगाकर फरार हो गया। अपने आपको गर्व से देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक कहने वाला पंजाब नेशनल बैंक अब खिसयाए अंदाज में सफाई दे रहा है। पर क्या ये मुमकिन है कि आज हो रही है

Author: 
नवीन पाल
गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की स्कूल परिसर में हुई हत्या और शुरूआती जांच में स्कूल बस कंडक्टर का नाम सामने आने के बाद से जिस प्रकार गैरशैक्षणिक कर्मचारियों विशेषकर ड्राइवरों और कंडक्टरों के साथ सुरक्षा के नाम पर दोयम व्यवहार किया जाने लगा उससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है..
कानून पथभ्रष्ट हो गया है! कानून – और, इससे संबंधित राष्ट्र की समस्त शक्तियां सामूहिक रूप से न केवल अपने वास्तविक मार्ग से विचलित हो गयी हैं बल्कि मैं तो कहूंगा कि वे सर्वथा विपरीत मार्ग पर बढ़ रही हैं! लोभ व लोलुपता की राह में रुकावट बनने की बजाए आज कानून समस्त प्रकार के लोभ की पूर्ति का उपकरण बन गया है! जिन अनैतिक व गैर कानूनी गतिविधियों को दंडित करना कानून का मूल उद्देश्य था वही कानून आज उन्हीं गतिविधियों का कसूरवार है! वास्तव में यदि ऐसा है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस बाबत सभी साथी नागरिकों को आगाह करने के प्रति मैं बाध्य हूं।

अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सॉवेल के अनुसार, देश में आम चुनावों के लिए मतदान इनकम टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि (अमेरिका के संदर्भ में 15 अप्रैल) के दूसरे दिन कराना चाहिए। यह उन गिने चुने तरीकों में से एक होगा जो सरकारों को अत्यधिक खर्चीला होने के प्रति हतोत्साहित करेगा..

पुलिस दुराचरण के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं। वर्ष 2007 में बनाए गए विभिन्न राज्यों के विकलांग पुलिस कानून में प्रावधान की गयी कमेटियों का आजतक गठन नहीं हुआ है व राजस्थान उनमें से एक है। यद्यपि इन कमेटियों के गठन से भी धरातल स्तर पर कोई लाभ नहीं होने वाला क्योंकि जांच के लिए पुलिस का ही सहारा लिया जाता है। आखिर कोई भी पेड़ अपनी शाखा को किस प्रकार काट सकता  है?

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