कानून तथा न्यायपालिका

अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सॉवेल के अनुसार, देश में आम चुनावों के लिए मतदान इनकम टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि (अमेरिका के संदर्भ में 15 अप्रैल) के दूसरे दिन कराना चाहिए। यह उन गिने चुने तरीकों में से एक होगा जो सरकारों को अत्यधिक खर्चीला होने के प्रति हतोत्साहित करेगा..

पुलिस दुराचरण के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं। वर्ष 2007 में बनाए गए विभिन्न राज्यों के विकलांग पुलिस कानून में प्रावधान की गयी कमेटियों का आजतक गठन नहीं हुआ है व राजस्थान उनमें से एक है। यद्यपि इन कमेटियों के गठन से भी धरातल स्तर पर कोई लाभ नहीं होने वाला क्योंकि जांच के लिए पुलिस का ही सहारा लिया जाता है। आखिर कोई भी पेड़ अपनी शाखा को किस प्रकार काट सकता  है?

शिक्षा निदेशालय ने 22 मार्च 2013 को एक परिपत्र (सर्क्युलर) जारी कर अनधिकृत कॉलोनियों में संचालित होने वाले प्राइमरी स्कूलों व मिडिल स्कूलों के लिए भूमि की न्यूनतम सीमा की अनिवार्यता में ढील दी थी। वर्तमान में यह सीमा प्राइमरी स्कूलों के लिए 200 स्क्वायर यार्ड और मिडिल स्कूलों के लिए 700 स्क्वायर मीटर (857 स्क्वायर यार्ड) है।

भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य सुशासन के लिए काम करना होता है। वह सुशासन जो प्रमुख रूप से आठ अव्यवों से मिलकर
तैयार होता है। ये अव्यव हैंः
विधि का शासन अर्थात rule of law
समानता एवं समावेशन अर्थात equity and inclusiveness
भागीदारी अर्थात participation
अनुक्रियता अर्थात responsiveness
बहुमत या मतैक्यता अर्थात consensus oriented
प्रभावशीलता व दक्षता अर्थात effectiveness and efficiency
पारदर्शिता अर्थात transparency

गरीबी को खत्म करने के अभी तक सुने गए प्रस्तावों में सबसे आसान एक एनजीओ में काम करने वाले एक दोस्त की ओर से आया। क्यों न हम न्यूनतम वेतन को इतना बढ़ा दें कि सभी लोग गरीबी की रेखा से ऊपर आ जाएं? यह कितना आसान लगता है मनोहारी और दर्दरहित। अफसोस, यह नाकाम रहेगा क्योंकि हमारे यहां एक ऐसा कानून है जिसका परिणाम अनपेक्षित है।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

प्राचीन काल में सुकीर्ति नामक एक प्रतापी राजा हुआ करता था। उसके राज्य का नाम था अनंतप्रस्थ जिसकी राजधानी थी सूर्यनगर। अनंतप्रस्थ के निवासी अपने राजा का बहुत ही आदर करते थे। आदर करते भी क्यों नहीं, राज्य के विकास और सबकी भलाई ही सुकीर्ति के जीवन का एकमात्र उद्देश्य जो था। सुकीर्ति अपने राज्य के निवासियों की भलाई के लिए दिन-रात, सुबह-शाम बिना रुके, बिना थके काम करता रहता था और अपने साथ अपने दरबारियों और मंत्रियों पर भी कड़ी निगरानी रखता था। देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजा ने सुकीर्ति ने राजधानी सूर्यनगर के बीचोबीच एक विशाल हाट का निर्

कुछ कारण से आधिकारिक रूप से ऐसा माना जाता है कि भारतीयों को आमोद-प्रमोद से नफरत है। कोई आश्चर्य नहीं कि हमारे नेता अथवा अदालतें ऐसे आमोद-प्रमोद को खत्म करने संबंधी किसी फैसले पर एक पल भी नहीं सोचतीं। जब तक इरादा अच्छा हो तो हमें किसी भी मौज-मजे की चीज को कुचलने पर कोई आपत्ति नहीं होती। फिर चाहे उस फैसले से कुछ मूल्यवान हासिल न भी हो।

राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे दोनों तरफ पांच सौ मीटर की दूरी पर से शराब की दुकानें हटाने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश क्या दिया, राज्य सरकारों ने शराब की दुकानें आबादी में लगाने की तैयारियां शुरू कर दीं। इसकी वजह से महिलाएं गुस्से में हैं। लेकिन इस फैसले ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। मसलन यह कि क्या गारंटी है कि पांच सौ मीटर दूर होने के बावजूद शराब पीकर लोग गाड़ियां नहीं चलाएंगे। सवाल यह भी है कि क्या शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले लोग हाईवे से पांच सौ मीटर दूर स्थित दुकानों पर नहीं जाएंगे। इस फैसले की काट ढूंढ़ी जाने लगी है। कुछ राज्यों में तो सरकारो

अनएडेड प्राइवेट स्कूलों के फीस को रेग्युलेट करना दरअसल, टीएमए पई बनाम कर्नाटक सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय के 11 सदस्यीय खण्डपीठ के फैसले की अवज्ञा है। सरकार द्वारा अनएडेड प्राइवेट स्कूलों के फीस को रेग्युलेट करना, न केवल संविधान द्वारा उन्हें प्रदत्त संरक्षण का स्पष्ट उल्लंघन है बल्कि निष्प्रभावी और अबाध्यकारी भी है। निसा के माध्यम से हमने इस मुद्दे को उठाया है और बार-बार दोहराया भी है कि ऐसी कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय 11 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ के निर्णय का अपमान है और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करना ह

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