रंगराजन कमेटी

इन दोनो दस्तावेजों के बाद रंगराजन कमेटी की रपट तीसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज कहा जा सकता है।

हाल ही में जब महाराष्ट्र में गन्ना आंदोलन भड़का हुआ था  तब प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त रंगराजन समिति ने जो रपट दी है उस रपट में उन सभी मांगों को लगभग स्वीकार कर लिया गया है  जो 1980 में शेतकरी संगठना ने पहले गन्ना  मूल्य आंदोलन की घोषणा करते हुए की थी । इसलिए यह माना जा रहा है कि इसकारण भविश्य में संगठना के कार्यकर्त्ताओं को  पहले की तरह का आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस रंगराजन कमेटी की रपट के बाद मुझे जो कुछ पुराने अनुभव याद आए उन्हें यहां दे रहा हूं।