कैश ट्रांसफर

केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा कानून को लोकसभा और राज्यसभा में पारित करा लेने के साथ अर्थव्यवस्था में कोहराम मचा है। यह ठीक ही है। सरकार के पास वर्तमान खर्च को पोषित करने के लिए राजस्व नहीं हैं। ऋण के बोझ से सरकार दबी जा रही है। वर्तमान में केंद्र सरकार का कुल खर्च लगभग 12 लाख करोड़ रुपये है, जबकि आय मात्र सात लाख करोड़ रुपये। लगभग आधे खर्चे को ऋण लेकर पोषित किया जा रहा है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा कानून का लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का बोझ अपने सिर पर लेना अनुचित दिखता है। फिर भी गरीबों को राहत देने के इस प्रयास का समर्थन करना चाहिए।

केंद्र सरकार का दावा है कि सब्सिडी की जो रकम बिचौलिये उड़ा लेते हैं या जो लक्ष्य समूहों तक पहुंचाने के क्रम में ही खर्च हो जाती है। अब कैश ट्रांसफर की नई व्यवस्था में वैसा नहीं हो सकेगा।

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