Budget

एक राज्य का नया वित्तमंत्री काकभुशुण्डजी से मिलने गया और हाथ जोड़कर बोला कि मुझे शीघ्र ही बजट प्रस्तुत करना है, मुझे मार्गदर्शन दीजिए. तिस पर काकभुशुण्ड ने जो कहा सो निम्नलिखित है:

बजट 2017 पेश करने का समय सिर पर आ गया है और शिक्षा व्यवस्था का क्षेत्र ऐसे कुछेक क्षेत्रों में शामिल है जिन पर वित्त मंत्री को तुरंत ध्यान देना चाहिए। हमारी सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था बिल्कुल तहस-नहस हो चुकी है और उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं दे पा रही। हम जब तक इसे दुरुस्त नहीं करेंगे, तब तक अच्छे दिन लाने की सरकार के तमाम कोशिशें बेकार साबित होंगी। 

अभी बजट के गोपनीय दस्तावेजों की छपाई शुरू हुई, तो उससे ठीक पहले हलुआ बनाया गया। तस्वीर आई कि वित्त मंत्री कड़ाहे में अलट-पलट कर रहे हैं। आसपास कुछ सहयोगी खड़े हैं और मिठास के मारे मुस्करा रहे हैं।
 

बजट के प्रस्तुत होते ही सेंसेक्स ने 600 अंकों की छलांग लगाई, लेकिन जैसे ही निवेशकों को ये समझ आया कि बजट की कुछ बातें वित्तीय घाटे को ध्यान में रखने की बजाय आंकड़ों में सुधार और आशावाद पर अधिक आधारित है, तो सेंसेक्स को नीचे गिरते भी ज्यादा वक्त नहीं लगा।

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट में कर प्रबंधन की कुशलता की कमी दिखाई पड़ती है, फिर भी इसमें वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दिखाई पड़ती है और रसोई गैस, खाद और मिट्टी के तेल के लिए नकद सब्सिडी की एक नई नीति सामने रखता है।

वित्त मंत्री ने वित्तीय क्षेत्र के सात अहम विधेयकों पर फिर से विचार शुरू करने का संकल्प कर आर्थिक सुधारों की संभावनाएं बढ़ाई हैं। इनमें बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाकर 49 फीसदी करने और बैंकों में विदेशी निवेशकों के मतदान अधिकार को समाप्त करने संबंधी विधेयक भी शामिल है।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस बार के बजट में गरीबो, किसानों, उद्यमियों के साथ आम उपभोक्ताओं को खुश करने के लिए कई नए कदम उठाये हैं.

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