अतिक्रमण

समाज की बसावट और बनावट का स्वरूप कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो उसे अपनी दैनिक जरूरतों की पूर्ति के लिए एक अनियोजित ढंग से विकसित वातावरण की जरुरत होती ही है। फुटपाथ पर लगने वाले छोटे-बड़े ठेले, खोमचे व अस्थायी दुकाने इसी का उदाहरण हैं। हर सोसाइटी, हर मोहल्ले एवं कालोनी के आस-पास के एक फुटपाथ का बाजार स्वत: विकसित हो जाता है। इस बाजार के स्वत: विकसित होने के पीछे दो मूल वजहें हैं जो कारक होती हैं। पहली वजह, वहां रहने वाले लोगों की दैनिक जरूरतों की पूर्ति एवं दूसरी वजह उन जरूरतों की पूर्ति की वजह से रोजगार सृजन के स्थानीय अवसरों की उपलब्धता। फुट

भगवान राम जब अयोध्या लौट कर आये , प्रेस कांफ्रेस में इलेक्ट्रानिक मीडिया ने सवालों की बौछार कर दी ..........

-आपके टीम के श्री हनुमान को लंका सन्देश देने भेजा था पर उन्होंने वहाँ आग लगा दी.... क्या आपकी टीम में अंदरूनी तौर पर वैचारिक मतभेद है?

- क्या हनुमान के ऊपर अशोक वाटिका उजाड़ने के आरोप में वन विभाग द्वारा मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए?

- आपके सहयोगी श्री सुग्रीव पर अपने भाई का राज्य हड़पने का आरोप है|....क्या आपने इसकी जांच करवाई?

- क्या ये सच है कि सुग्रीव की राज्य हड़पने की साजिश के मास्टर माइंड आप है?

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