स्कूल वाऊचर

नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस के बैनर तले अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त थिंकटैंक संस्था सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा आयोजित एक दिवसीय “निसा स्कूल लीडर्स सम्मिट” यूं तो बुधवार की देर रात संपन्न हो गया, लेकिन सम्मिट में उपस्थित स्कूल संचालकों व शिक्षाविदो ने स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए शुरू किए गए अभियान रूपी इस मशाल को हमेशा जलाए रखने का संकल्प लिया। स्कूली शिक्षा की बेहतरी, छात्रों व अभिभावकों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने, शिक्षण प्रशिक्षण के श्रेष्ठ तौर तरीकों और सरकारी नीतियों के कारण बंदी के कगार पर पहुंच चुके निजी बजट स्कूलों की सहायता के लिए आयोजित इस

उड़ीसा के केंद्रपाड़ा संसदीय क्षेत्र से बीजू जनता दल के सांसद व सुलझे हुए राजनेता बैजयंत (जय) पांडा ने थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों विशेषकर ‘स्कूल वाऊचर’ कार्यक्रम की जमकर तारीफ की है। श्री पांडा ने सीसीएस द्वारा विगत कई वर्षों से गरीब छात्रों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे वाऊचर प्रोग्राम की सफलता और इसकी प्रभावशीलता की भी जमकर तारीफ। यहां तक कि उन्होंने देश के सभी राज्यों के सभी जिलों में ऐसे पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का भी सुझाव दिया। वह सीसीएस के चौथे वार्षिक ‘स्कूल च्वाइस ने

केंद्र सरकार द्वारा वंचित व कमजोर वर्ग को गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए लागू किया गया शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून स्वयं ही सर्वशिक्षा अभियान की राह में सबसे बड़ा रोड़ा साबित होता प्रतीत हो रहा है। कानून में समाहित कुछ प्रावधान ऐसे हैं जिनसे देशभर के लाखों निजी (बजट) प्राइवेट स्कूल बंद होने की कगार पर पहूंच गए हैं। अकेले दिल्ली में ही 13 हजार से ज्यादा स्कूलों पर तालाबंदी का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही इन स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों नौनिहालों का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। दुष्परिणामों से भरे आरटीई के इन्हीं प्रावधानों के खिलाफ आवाज उठाने के उद्देश्