सजा

उदाहरण के लिए चीनी व्स्तुओं पर प्रतिबंध उनकी घटिया गुणवत्ता व इसके अर्थव्यवस्था व स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोकने के लिए लगाया गया है। लेकिन भारतीय बाजार चीनी वस्तुओं से भरे पड़े हैं और खिलौनों आदि में प्रयुक्त रंग के संपर्क में आने के कारण बच्चों को कैंसर, दिल व फेफड़े की बीमारी हो रही है। क्या ही अच्छा होता कि चीनी वस्तुओं के लिए भारतीय बाजार खोल दिए जाए लेकिन इसके पूर्व उनके लिए कड़े मानक तय कर दिए जाएं और उनका अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाए। इससे देश को कई फायदे होंगे। एक तो प्रतिबंध समाप्त होने के कारण चीनी सामान वैध तरीके से कस्टम व आयात शुल्क अदा कर देश

दिल्ली में एकबार फिर से पॉलीथिन के प्रयोग व इसकी खरीद-बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 15 के तहत प्रतिबंध की अनदेखी करने वालों पर 10 हजार से एक लाख रूपए तक का आर्थिक दंड अथवा सात वर्ष तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। इसके पूर्व वर्ष 2009 में भी दिल्ली में प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाया गया था। लेकिन उस समय 40 माइक्रोन से मोटे प्लास्टिक व उससे निर्मित वस्तुओं, कैरीबैग आदि को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया था। हाल ही में राजधानी में गुटखे पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि गुटखा, प्लास्टिक आदि के स्वास्थ्य व पर्यावरण पर प

क्या राबर्ट वढेरा के बारे में भंडाफोड़ भ्रष्टाचार को खत्म कर देगा ? या यह एक और सनसनी है जो मध्यम वर्ग को कुछ सप्ताह तक झनझनाती रहेगी और फिर उसे भुला दिया जाएगा। क्या राजनीति भारत का अबतक का सबसे बड़ा धंधा है?

मैं बहुत आशावादी नहीं हूं। हर पार्टी के राजनीतिज्ञ अपने प्रतिद्वंदियों पर कीचड उछालना पसंद करते हैं। एक अच्छे व्यापारी के तौर पर उनको उम्मीद होती है कि कि इससे उनका मार्केट शेयर बढ़ जाएगा। लेकिन क्या वे व्यापार को पूरी तरह बंद करेंगे और कम लाभदायक धंधे में चले जाएंगे। मुझे संदेह है।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर