रिलायंस

कोयला घोटाले से पस्त सरकार, पिछले एक पखवाड़े के भीतर लंबे समय से अपेक्षित कुछ सुधारों पर आगे बढ़ी है। इनमें मल्टी ब्रांड रिटेल और विमानन क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति शामिल है। एफडीआई के मुद्दे पर देश में तेज प्रतिक्रिया हुई और “वाद विवाद के लिए तैयार भारतीयों” के बीच यह हमेशा बनी रह सकती है।