जीविका फिल्म फेस्टिवल

- घरेलू नौकर उपलब्ध कराने वाली दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसियों की हकीकत पर आधारित ‘संस एंड डॉटर’ डॉक्यूमेंट्री ने किया सोचने पर मजबूर

-  जीविका फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन विभिन्न देशों की दस डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का हुआ प्रदर्शन

चीनी वस्तुओं के किसी भी बाजार में छाए रहने का मुख्य कारण उनका तुलनात्मक रूप से सस्ता होना होता है। लेकिन यदि देसी वस्तु के सस्ते होने के बावजूद उसी चीनी वस्तु की भारी मात्रा आयात की जाए और यहां के उत्पादकों की अनदेखी की जाए तो इसे नीति निर्धारकों की अदूरदर्शिता  नहीं तो और क्या कहेंगे।

जीविका एशिया लाईवलीहुड डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टीवल 2012 में शिरकरत करेंगे बालीवुड के ‘शो मैन’ सुभाष घई; इंडिया हैबिटेट सेंटर में 2 सितंबर तक चलने वाले फिल्म फेस्टिवल के दौरान 18 डाक्यूमेंटरी फिल्मों का होगा प्रदर्शन