विकास

भारत के केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन ने फरवरी माह से जीडीपी आदि को मापने के लिए आधार वष्ाü 2011 -12 कर दिया है। इसके बाद वर्ष 2013-14 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़े एक झटके में 2.2 तक बढ़ गए। 
 

सरकारी नियंत्रण फर्जीवाड़े़ और काला बाजारी को बढ़ावा देता है। यह सत्य का दमन करता है और वस्तुओं की गहन कृत्रिम कमी पैदा करता है। यह लोगों को कहीं का नहीं छोड़ता है और उन्हें उपक्रमण से वंचित करता है। यह लोगों को स्वावलंबी होने के गुणों का नाश करता है। जाहिर तौर पर, सरकार की बढ़ती शक्तियां मुझे भयभीत करती है। भले ही यह लोगों को शोषित होने से बचाकर यह अच्छा काम करती है, लेकिन व्यैक्तिकता (निजी), जो कि सभी उन्नतियों के हृदय में वास करती है,&

जिन लोगों को ये लगता हो कि किसानों की समस्या का एकमात्र समाधान सब्सिडी है, तो उन्हें न्यूजीलैंड देश से कुछ सबक सीखना चाहिए..। न्यूजीलैंड एकमात्र देश है जो दुनिया का एकमात्र विकसित देश है जहां कृषि कार्य के लिए कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। वास्तव में, कृषि क्षेत्र से सब्सिडी हटाने के बाद वहां इस क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति  हुई। आज न्यूजीलैंड द्वारा विश्व को किए जाने वाले कुल निर्यात में दो तिहाई हिस्सा कृषि उत्पादों का है..

- स्टूडेंट्स फॉर लिबर्टी