कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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जापान की नई पहल के बाद समुद्र तल में पाए जाने वाले गैस हाइड्रेट्स में दुनिया की दिलचस्पी बढ़ गई है

तेल और गैस के भारी आयात ने भारत का व्यापार घाटा बहुत बढ़ा दिया है। यह चीज देश की तेज आर्थिक वृद्धि की राह में रोड़ा बन रही है। लेकिन पिछले हफ्ते जापान ऑयल गैस एंड मेंटल्स नेशनल कॉरपोरेशन (जेओजीएमईसी) की एक तकनीकी उपलब्धि हमारे लिए अंधेरे में आशा की किरण लेकर आई है। वे लोग समुद्र तल पर जमा मीथेन हाइड्रेट के भंडार से प्राकृतिक गैस निकालने में कामयाब रहे। इस चीज को आम बोलचाल में फायर...

Published on 19 Mar 2013 - 17:35

बीटल्स का एक गीत है, 'कैंट बाय मी लव' (अपने लिए मैं प्यार तो नहीं खरीद सकता)। इसी तर्ज पर इस साल के बजट की थीम है, 'अपनी पार्टी के लिए मैं चुनाव तो नहीं खरीद सकता'। वित्तमंत्री आम तौर पर चुनाव से ठीक पहले वाले बजटों में सब्सिडी और कर्ज माफी के रूप में खुले हाथों रेवड़ियां बांटते हैं। ऐसे उपाय वोट दिलाने में ज्यादा कारगर नहीं होते, फिर भी वित्तमंत्री अपनी तरफ से उम्मीद नहीं छोड़ते। बहरहाल, वित्तमंत्री पलनियप्पन चिदंबरम ने अभी जो चुनावी बजट पेश किया है, उसमें उन्होंने मुफ्त का चंदन घिसने से भरसक परहेज किया है। वित्तीय...

Published on 7 Mar 2013 - 13:44

छह महीने पहले सरकार निराशा और पंगुता की शिकार नजर आ रही थी। लगता था कि यह किसी को भी (खासकर ममता बनर्जी को) नाराज करने की हिम्मत कभी नहीं जुटा पाएगी। लेकिन जब से चिदंबरम वित्तमंत्री बने हैं तब से सरकार किसी ऐसे सुधारवादी कार्यकर्ता जैसी लग रही है, जो किसी भी सूरत में अपने लक्ष्य से कम किसी भी चीज पर राजी नहीं होने वाला। संसद में हार का खतरा उठाकर भी मल्टीब्रांड रिटेल का मामला आगे बढ़ाया गया। रेल के किराये बढ़ा दिए गए और डीजल की कीमतें हर महीने बढ़ाई जा रही हैं- तब तक जब तक इस पर दी जाने वाली सब्सिडी से निजात नहीं पा ली...

Published on 20 Feb 2013 - 17:04

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