कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 2010-11 की 9.2 प्रतिशत के आधे से भी नीचे आकर 2012-13 में मात्र 5 प्रतिशत रह गई है। हमारी अर्थव्यवस्था के सामने मुख्य समस्याएं हैं- ऊंचा चालू खाता घाटा, ऊंचा वित्त घाटा और छोटे-मंझोले उद्यमों के लिए बैंक ऋण का अभाव। ये तीनों मुश्किलें एक अकेले उपाय से दूर की जा सकती हैं। वह है देश के पास मौजूद अतिरिक्त खाद्य भंडार को कम करना। कृषि मूल्य एवं लागत आयोग (सीएसीपी) के चेयरमैन अशोक गुलाटी और इसकी संयुक्त निदेशक सुरभि जैन ने अपने हाल के एक शोधपत्र 'सुरक्षित भंडार नीति, राष्ट्रीय...

Published on 10 Jun 2013 - 16:46

 

चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, लेकिन उसके साथ भारत का 29 अरब डॉलर का विशाल व्यापार घाटा भी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने चीनी जोड़ीदार ली ख छ्यांग से हाल की मुलाकात में कहा कि इस घाटे का 'कुछ किया जाना चाहिए।' लेकिन एक अर्थशास्त्री के रूप में वे अवश्य ही यह जानते हैं कि हर व्यापारिक भागीदार के साथ व्यापार घाटे को संतुलित करने की सोच गलत है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार की खूबसूरती इसी बात में है कि यह हर देश को अपने विशिष्टि क्षेत्र में और...

Published on 5 Jun 2013 - 13:55

 

क्रिकेट स्पॉट फिक्सिंग घोटाला फिलहाल मीडिया की सनसनी बना हुआ है। बॉलिवुड एक्टर, क्रिकेट सितारे, सटोरिये, ऊंचे पाए के जुआरी, अंडरवर्ल्ड डॉन और यहां तक कि एक पाकिस्तानी अंपायर ने भी इस चटपटे घोटाले में थोड़े और मसाले का योगदान किया है। क्रुद्ध विश्लेषक हर तरह की सट्टेबाजी पर रोक लगाने और न सिर्फ फिक्सरों बल्कि वीआईपी जुआरियों को भी जेल में डालने और यहां तक कि आईपीएल पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग कर रहे हैं। यह हास्यास्पद है। अगर कोई न्यायाधीश भ्रष्ट निकला तो क्या आप पूरी न्यायपालिका को प्रतिबंधित कर...

Published on 27 May 2013 - 16:55

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