वाउचर के प्रकार एवं कुछ सवाल-जवाब

वाउचर के प्रकार

  • विश्वव्यापी हर बच्चे के लिए।
  • साधनों की जांच, निश्चित आय स्तर से नीचे के परिवारों के बच्चों के लिए।
  • सरकारी स्कूलों के असंतुष्ट उपलिब्ध पाने वाले छात्रों के लिए।
  • निर्धन वर्गों के लिए जैसे - अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां, अल्पसंख्यकों, लड़कियों या विकलांग छात्रों के लिए।

दुनिया भर के अनेकों देशों में विभिन्न प्रकार की वाउचर योजनाएं से हजारों छात्रों को फायदा हुआ है। स्कूल वाउचर हमें गरीब छात्रों को आसान सुविधाएं तथा बेहतर गुणवत्ता शिक्षा देने में मौका देता है। दुनिया भर के किए गए अनेक वाउचर प्रयोग के विभिन्न परिणामों के बावजूद विरले ही ऐसी कोई स्थिति उभर कर आई है जिसमें वाउचर से शिक्षण उपलब्धि में गिरावट आई हो।
दिल्ली स्थित सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के स्कूल वाउचर कार्यक्रम ने चार सौ आठ (408) वाउचर गरीब छात्रों को शैक्षणिक वर्ष 2007 में प्रदान किए। प्रति वाउचर जो 3600 रुपये प्रति वर्ष का है उनके द्वारा चयनित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए फंड प्रदान करेगा। वाउचर न्यूनतम तीन सालों के लिए दिया गया या जब तक छात्र पांचवीं न पास कर लें।

किस प्रकार सरकार वाउचर की राशि का भुगतान करे?

राज्य के अति अयोग्य क्षेत्रों या समुदायों पर वाउचर के रूप में पिछले वर्ष के बजट के सारे वेतन वृद्धि रुपये खर्च करें। पिछले साल की शिक्षा पर आवंटित राज्य बजट उदाहरणार्थ 1000 करोड़ तथा इस वर्ष 1,300 करोड रुपये थे, तब नई रकम का इस्तेमाल करें जो 300 (तीन सौ करोड़) रुपये वाउचर के रूप में इस्तेमाल करें, बिना स्थापित स्कूलों के फंडिंग में कटौती किए।

वाउचर मार्गदर्शन कहां आयोजित करें

वाउचर मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर आयोजित किया जा सकता है तथा ऐसे निर्मित स्थानों पर जहां जन सुविधा की सेवा में सहायक हो, सरकार को चाहिए कि वे चयनित वर्ग को वाउचर बांटे। विशेष रूप से समाज के गरीब तबके के लोगों को निम्नलिखित ढंग से:-

  • वाउचर मार्गदर्शन का आयोजन ऐसे शहरी क्षेत्रों में करें जहां दोनों निजी एवं सरकारी स्कूलों की संख्या एक मुद्दा न हो, बशर्ते, शिक्षा की गुणवत्ता उपलब्ध कराता हो।
  • वाउचर मार्गदर्शन का आयोजन शहरी, सीमा क्षेत्रों जैसे पुर्नवास कालोनी या ऐसे क्षेत्रों में जहां सरकारी स्कूल नहीं हैं आयोजन करें। नये सरकारी स्कूल खोलने के बजाय, अधिक क्षेत्र की शिक्षा संबंधी समस्याओं के निदान के लिए वाउचर अधिक न्यायसंगत एवं कुशल समाधान देते हैं।
  • अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में वाउचर मार्गदर्शक का आयोजन करें जहां स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराना एक पुरानी बीमारी है। यह निजी स्कूलों द्वारा स्कूल सुविधा उपलब्ध कराने के प्रतिउत्तर की जांच करेगा।

स्थापित सरकारी स्कूल पद्धति का क्या होगा?

  • वाउचर वेतन वृद्धि के पैसों से जो भुगतान बजट से है फण्ड दिया जायेगा। इस प्रकार सरकारी स्कूलों के स्थापित फंडिंग से न निकालें।
  • ''छात्रों को फण्ड दें, स्कूलों को नहीं ''! इससे प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होती है। इस प्रकार गुणवत्तापरक शिक्षा के पक्ष में पूर्ण सुधार करने के लिए सरकारी स्कूलों पर दवाब बना रहेगा। जिससे छात्रों को आकर्षित करें तथा उन्हें अपने विद्यालय में बनाए रखें।
  • सारे सरकारी स्कूलों पर खर्च आखिरकार वाउचर द्वारा आना चाहिए।

ये शिक्षा वाउचर से लिया गया है: ''अंतराष्ट्रीय अनुभव एवं भारत का वादा''  द्वारा पार्थ जे.शाह एवं कोरिना ब्राउन मुनजिंगर नीति समीक्षा एक जो नागरिक समाज केन्द्र द्वारा प्रकाशित हुई। पूरा दस्तावेज हेतु कृपया हमारे वेबसाइट पर देखे।

सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी
ए-69 हौजख़ास, नई दिल्ली 110 016, ईंडिया
फोन: 2652 1882/2653 7456, फैक्स:  2651 2347
ई मेल: schoolchoice@ccs.in; वेब साइट: www.schoolchoice.in

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