तमाम निशुल्क सुविधाओं के बाद भी खाली क्यों हैं सरकारी स्कूल

दाखिले का 'मौसम' नजदीक आते ही समस्त सरकारें निजी स्कूलों की कथित 'मनमानी' को रोकने के लिए कमर कस लेती हैं। तमाम जतन किए जाते हैं, फिर भी अभिभावकों की भीड़ निजी स्कूलों के बाहर लाइन लगाकर खड़ी रहती है। उधर, सरकारी स्कूलों में छात्रों को मध्याह्न भोजन, किताबें, यूनिफॉर्म, जूते प्रदान करने जैसी तमाम सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, फिर भी ऐसे स्कूल छात्रों की कमी के कारण बंद व 'मर्ज़' होने को मजबूर हो रहै हैं..  आखिर क्यों? दरअसल, सरकारी स्कूलों की विशेषता (यूएसपी) निशुल्क उपलब्ध करायी जाने वाली वस्तुएं होती हैं जबकि निजी स्कूलों की विशेषता गुणवत्तायुक्त शिक्षा!! आजादी.मी के कार्टूनिस्ट ने भी अपनी कूचियों की सहायता से इस समस्या की ओर ध्यानाकर्षण कराया है..

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