बड़ों की छोटी हरकतें...

इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी, गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड और भारतीय राजनीतिज्ञ नारायण दत्त तिवारी में एक असम्मानजनक समानता है. तीनों नाम अलग-अलग देशों और अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गजों के हैं। लेकिन अगर इन लोगों के कृत्यों पर नजर डालें तो काफी हद तक समानता नजर आती है। बात यहीं खत्म नहीं होती। बिहार के एक मंत्री बालाओं के साथ जश्न मनाते नजर आते हैं। तिवारी को तो होली के नाम पर एक बार फिर रंगरेलियां मनाते देखा गया.

अगर देखा जाए तो नैतिकता कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है बल्कि एक सामाजिक सरोकार है। आचरण के आदर्श के बगैर समाज में अच्छे और बुरे के भेद को कायम नहीं रखा जा सकता। नैतिकता महज धर्मोपदेश नहीं है बल्कि समाज की जरुरत है, और इसके बगैर अच्छे समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। कोई भी नेता, सेलिब्रिटी या समाज का प्रतिष्ठित व्यक्ति यदि पतन की ओर जाता है तो पूरा समाज पतन की ओर बढ़ने लगता है क्योंकि सामाजिक बुराई को अपनाने वाले यह कह सकते हैं कि अगर शीर्ष पदों पर बैठे लोग, सबसे ज्यादा प्यार और इज्जत बटोरने वाले लोग ऐसा कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं। सत्ता और संपत्ति के दुरुपयोग की विकृत मिसालें और भी हो सकती हैं। लेकिन क्या आप इसे जायज मानते हैं।

  • क्या आपको नहीं लगता कि नारायण दत्त तिवारी, बर्लुस्कोनी और टाइगर वुड का तिरस्कार होना चाहिए?
  • क्या आपको नहीं लगता समाज के नायक माने जाने वाले इन लोगों के यह कृत्य वाकई शर्मनाक है?
  • सामाजिक जीवन में आप नैतिकता को कितनी तवज्जो देते हैं?

Add new comment

Filtered HTML

  • Lines and paragraphs break automatically.
  • Allowed HTML tags: <a> <em> <strong> <cite> <blockquote> <code> <ul> <ol> <li> <dl> <dt> <dd>
  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.

Plain text

  • No HTML tags allowed.
  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.
  • Lines and paragraphs break automatically.