मुक्त व्यापार सबसे अच्छा प्रोत्साहन

मत दोहराइये ‘स्मूट-हॉले अधिनियम’ और ‘ग्रेट डिप्रेशन’

1930 में अमेरिकी सरकार ने बीती शताब्दी की सबसे ज्यादा विनाशकारी आर्थिक नीतियां लागू की थीं. विलिस सी. हॉले और रीड स्मूट द्वारा पेश किए गए “स्मूट-हॉले टैरिफ एक्ट, 1930” के अंतर्गत करीब 20,000 से ज्यादा आयातित उत्पादों (इम्पोर्टेड सामान) पर टैरिफ (शुल्क) वसूला जाता था. नतीजतन, अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए ये उत्पाद महंगे हो गए. आयात शुल्क का समर्थन करने वालों को शायद इस बात का एहसास नहीं रहा होगा कि आयात पर शुल्क लगाने का मतलब निर्यात पर टैक्स लगाने के समान ही था. इसका परिणाम यह हुआ कि टैरिफ के चलते निर्यात में 50 फीसदी की गिरावट आ गई और अमेरिकी उद्योग धराशायी हो गए. 1929 में अमेरिका ने यूरोप से 133.4 करोड़ डॉलर का आयात किया था जो 1932 में घट कर मात्र 39 करोड़ डॉलर रह गया. इसी अवधि में अमेरिका से यूरोप को किया जाने वाला निर्यात 234.1 करोड़ डॉलर से घट कर 78.4 करोड़ डॉलर रह गया. आयात और निर्यात एक दूसरे से जुड़े हुए थे.

व्यापार बाधाओं के कारण संपत्ति और कारोबारी अवसरों को लेकर यूरोप और अमेरिका दोनों को ही बड़े पैमाने पर नुक्सान उठाना पड़ा. संरक्षणवाद एक आत्मघाती कदम साबित हुआ. बहुत से लोगों को इन हालातों का एहसास था लेकिन उन्होंने इन्हें नजरअंदाज किया. जनरल मोटर्स के यूरोपीय निदेशक ग्राहम हॉवर्ड ने वाशिंगटन को एक टेलीग्राम भेज कर स्मूट-हॉले टैरिफ वापस लेने की गुजारिश की - "पैसेज बिल के कारण अमेरिका को आर्थिक अलगाव झेलना पड़ेगा और अब तक की सर्वाधिक वीभत्स मंदी का सामना करना पड़ेगा."

हॉवर्ड की बात सही थी. उनके संदेश को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था.

1930 के दशक के आर्थिक संकट के जवाब में संरक्षणवादी नीतियों को लागू करना सबसे खराब प्रतिक्रिया थी. स्मूट-हॉले ने व्यापार अवरोधों की एक नई और जबरदस्त लहर पैदा की जिसकी वजह से 70 फीसदी विश्व व्यापार तहस-नहस हो गया. संरक्षणवाद की विनाशलीला को राजनेता समझ तो गए लेकिन इसमें उन्होंने बहुत देर कर दी.

सर्वाधिक नुक्सान के बाद ही 1934 में रेसिप्रोकल ट्रेड एग्रीमेंट्स एक्ट लागू हो सका. इससे न केवल दुनियाभर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ा बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंध भी खराब हुए. इतना ही नहीं, संरक्षणवाद ने राष्ट्रवाद और अंतरराष्ट्रीय शत्रुता की आग को हवा दी. 1930 और 1940 के दशकों के इन विनाशकारी अनुभवों से उबरने में अंतरराष्ट्रीय कारोबार को कई साल लग गए.

बाजारों के विस्तार और कारोबार तथा निवेश के लिए बढ़ते अवसरों से लोगों का जीवन स्तर बेहतर होता है.

मुक्त व्यापार ही सबसे अच्छा आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज है.

  • FreedomToTrade.org अभियान में 48 देशों के 76 थिंक टैंक शामिल है जो दुनिया में नए व्यापार अवरोधों का प्रतिकार करते हैं और मौजूदा व्यापार बाधाओं को खत्म करते हुए मुक्त व्यापार की पैरवी करते हैं.
  • स्वयं को व्यापार के फायदों के बारे में शिक्षित कीजिए – देखिए वेबसाइट FreedomToTrade.org.
  • वृत्तचित्र और अधिक जानकारी के लिए देखिए: YouTube.com/Freedom2Trade.
  • मुक्त व्यापार पर हजारों लोगों ने एक याचिका (पिटिशन) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें 1,000 से ज्यादा अर्थशास्त्री शामिल हैं. यह याचिका http://freedomtotrade.org/petition पर मौजूद है.

 

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