सफलता की एक और पायदान: जीविका एशिया लाइवलीहुड डाक्युमेंटरी फेस्टिवल, 2009
अपनी एक खास पहचान रखने वाला सेंटर फॉर सिविल सोसायटी का जीविका एशिया लाइवलीहुड डाक्युमेंटरी फेस्टिवल, 2009 का आयोजन 28-30 अगस्त को नई दिल्ली के इंडिया हैबीटेट सेंटर में किया गया. इस साल 22 देशों के 175 वृत्तचित्रों में से 11 को शार्टलिस्ट किया गया. जिनका प्रदर्शन 28-29 अगस्त को हुआ. फेस्टिवल के अंतिम दिन 30 अगस्त को स्टुडेंट्स और प्रोफेशनल वर्ग के विजेताओं को जीविका ट्राफी और सर्टिफिकेट से नवाजा गया. इस मौके पर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री अगाथा संगमा (मुख्य अतिथि), इंडिया अनबाउंड के लेखक और सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के चेयरमैन गुरचरण दास, मिस इंडिया अर्थ २००९ श्रिया किशोर (गेस्ट ऑफ ऑनर) और फिल्ममेकर गार्गी सेन मौजूद थीं.
विजेता रहेः
तीसरा पुरस्कार (प्रोफेशनल कैटेगरी): द हंटेड- इन सर्च ऑफ होम एंड होप, निर्देशन- शाजी पत्तनम, नकद पुरस्कारः 30, 000 रु.
बेस्ट स्टुडेंट एंट्रीः रूरल पोस्टल इंप्लॉयज़, निर्देशन- दीपिका भारद्वाज, नकद पुरस्कारः 10,000 रु.
सीसीएस फ्रीडम पुरस्कार: 1876: एन एंटरटेनमेंट, निर्देशन- अनसूया वैद्य










