आर्थिक आजादी के लिए फ्रीडम कारवां

आर्थिक आजादी और आर्थिक उदारीकरण की नीतियों के बारे में युवाओं को जागरूक बनाने के लिए सेंटर फार सिविल सोसाइटी की ओर से 23 जनवरी से 10 फरवरी तक शैक्षणिक फेस्टीवल –फ्रीडम कारवां – का आयोजन किया गया है । दिल्ली और पुणे के कई कालेजों में होनेवाले इस फेस्टीवल में अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान भारत के आमआदमी की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में पूंजीवाद और आर्थिक उदारवाद की भूमिका के बारे में अपने विचार प्रगट करेंगे और उनके सवालों के जवाब देंगे। इस सिलसिले में नुक्कड नाटकों और संगीत कार्यक्रमों और दृष्य कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है।

इस फेस्टीवल के प्रचार के लिए पूंजीवाद का महत्व बतानेवाले नारों से सजे रिक्शा कालेजों में जाएंगे और प्रचार सामग्री का वितरण करेंगे और नुक्कड नाटक करेंगे। इसके अलावा विजुअल आर्टस् प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है जिसका विषय है पूंजीवाद के फायदे और नुक्सान। इस प्रतियोगिता के प्रत्येक  विजेता को 10000 रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

फेस्टीवल के कार्यक्रमों के तहत दिल्ली और पुणे के कालेजों में व्याख्यान श्रृंखलाओं का आयोजन किया गया है जिनमें बहुचर्चित पुस्तक -मारलिटी आफ कैपिटलिज्म- के लेखक टाम पामर,टाईम्स  आफ इंडिया के स्तंभकार स्वामीनाथन अय्यर और सेंटर आफ सिविल सोसाइटी के निदेशक पार्थ जे शाह वर्तमान संदर्भ में आर्थिक आजादी,आर्थिक उदारवाद और पूंजीवादी नैतिकता की प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रगट करेंगे।

अधिक जानकारी तथा भाग लेने के लिए http://ccs.in/fc2012/ पर जायें.