ममता बनर्जी की नजर भले ही कोलकाता की 'राइटर्स बिल्डिंग' पर रही हो पर रेलमंत्री के तौर पर उन्होने अपना जो 'विजन' सामने रखा उससे कम से कम ऐसा लगा था कि वह रेलवे के बारे में बहुत ही संजीदगी से सोचती हैं। दिसंबर 2009 में जारी “विजन 2020 डॉक्यूमेंट” को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कई प्रावधान किए हैं लेकिन रेल बजट में कहीं-कहीं गुंजाइश रह गई है।
कहा जा सकता है कि इस बार रेल मंत्री के पास एक मौका था, लोकलुभावन से हटकर रेल को विकास के पथ पर कदम ताल मिलाने का मौका देने का क्यो...





