खपत समानता का नकारात्मक पहलू - जॉन वी.सी. नेय
पिछली दो सदियों में ज्यादा समानता की आकांक्षा दरअसल पूरी दुनिया में लोकतंत्र के प्रसार और लोकतांत्रिक प्रवृत्ति का ही परिणाम है। तोकेविले (tocqueville) पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने इस बात को पहचाना कि लोकतांत्रिक अमेरिका के लिए समानता का भाव कितनी अहम बात है। उन्होंने कहा था, अमेरिकी 'स्वतंत्रता में असमानता से ज्यादा गुलामी में समान रहेंगे।' लेकिन विडंबना ही कही जाएगी इस औद्योगिक युग में जिस आर्थिक विकास ने खपत में भौतिक समानता को बढ़ावा दिया है और इस विकास के साथ मिली संपूर्ण कल्याण और तुलनात्मक समानता की उम्मीद, वही आर्थिक विकास असमानता के अनुभव को और बुरी स्थिति तक ले जाएगा, फिर आंकड़े भले ही कुछ भी दर्शा रहे हों। और यह इसकी वजह है प्रतिष्ठा और हैसियत का सामान।
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