क्या खपत, असमानता के संशयवादियों के लिए अंतिम प्याला है? - लेन केनवर्दी
उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों के मुताबिक 1979 में कर कटौती के बाद अमेरिकी निवासियों के शीर्ष एक फीसदी लोगों की औसत आय लगभग 340,000 डॉलर थी। 2006 तक यही आय बढ़कर 1,200,000 डॉलर तक पहुंच गई थी। इसकी तुलना में निचले 60 फीसदी घरों में औसत आय में 1979 के 29,000 डॉलर की तुलना में हल्का सा इजाफा होकर यह 35,000 डॉलर हो सकी। इस दौरान कुल कमाई के लिहाज से जहां शीर्ष एक फीसदी की आय 7 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी हो गई, वहीं निचले तीन स्तरों के लोगों की आय 36 फीसदी से गिरकर 28 फीसदी हो गई। यह आय असमानता में पर्याप्त बढ़ोत्तरी है। बहुत कम ही सामाजिक वैज्ञानिक इस हकीकत से इनकार करते हैं।
और
पढ़ें [+] |
|
|
|
|
|
उदारवादी
चिंतक जेम्स एम. बुकानन
एंटोनी डाउन्स के साथ उनकी किताब ‘An Economic Theory of Democracy’ (लोकतंत्र का अर्थशास्त्रीय सिद्धांत) ने सार्वजनिक चयन का क्षेत्र आरंभ किया. यह पुस्तक आज एक श्रेष्ठतम कृति है. बुकानन और टलक ने मिल कर एक शैक्षणिक अखबार- Public Choice ‘सार्वजनिक चयन’ निकाला. शायद बुकानन का अर्थशास्त्र सार्वजनिक चयन में दो स्तरों पर भेद बताना है. आरंभिक तल पर संविधान का चुनाव और दूसरा, संविधान के बाद का तल.
और
पढ़ें [+] |
|
|
|
|
|
उदारवादी
चिंतक डी.वी. गुंडप्पा
गुंडप्पा को अपने कार्य क्षेत्र कर्नाटक से बाहर ज्यादा प्रसिद्धी नहीं मिल सकी। यहां उन्होंने राजनीतिक सुधार और सामाजिक जागृति के लिए 50 साल तक काम किया। उन्होंने इस कार्य को अपने लेखन के जरिये अंजाम दिया। इसमें गीत, कविताएं, नाटक, राजनीतिक पर्चे, जीवनियां और भगवतगीता पर टीका शामिल हैं। वे पूरी तरह से आदर्श लोकतंत्र के समर्थक थे और उन्होंने अनुशासन पर बहुत जोर भी दिया।
और
पढ़ें [+] |
|
|
|
|
|
आज़ादी वीड़ियो - द थर्ड व्हील

|
|
| |
|
आज़ादी
का हिस्सा बनें |
| आप
अपने लेख, पुस्तकें, विषय आधारित दिलचस्प और सूचनापरक तस्वीरें,
चित्र और अपनी पुस्तकें एवं सुझाव हमें भेज सकते हैं। जिनका
चयन करने के बाद हमें उन्हें अपनी वेबसाइट पर डालेंगे। इसके
अलावा आप हमारे ब्लॉग के लिए भी प्रासंगिक विषयों पर लिख
सकते हैं।
हमें
आप azadi@ccs.in
पर ई-मेल कर सकते हैं। |
|
|