उदारवादी
चिंतक राजा राममोहन राय
राजा
राममोहन की मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों
के साथ संवाद स्थापित करने की तत्परता से जुड़ी प्रतिबद्धता
ही उन्हें सर्वोत्कृष्ट उदारपंथी बनाती है। उन्हीं से आधुनिक
भारतीय उदारपंथी आंदोलन का आरंभ होता है।
वे चाहते थे कि पाश्चातय शिक्षा को प्रोत्साहित तो किया
जाए लेकिन भारतीय भाषाओं की कीमत पर नहीं। बहुमुखी प्रतिभा
के धनी, वे पहले आम भारतीय थे जिन्होंने इंग्लैण्ड की यात्रा
की। उन्हें सही मायनों में आधुनिक भारत का जनक कहा जाता
है।
और
पढ़ें [+] |