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व्यक्तिगत नैतिकता का अर्थ समाजसेवा करना नही - पार्थ जे शाह

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व्यापार में कुछ खास नैतिक खतरे नही है। कोई भी काम जिसमें सही या गलत में चुनाव करना पड़े उसमें नैतिक खतरा होता ही है। व्यापारी भले ही अपने काम में ज्यादा नैतिक दुविधा का सामना करता है लेकिन यह किसी राजनेता या नौकरशाह की दुविधा से ज्यादा नही होता होगा।
 

सोने पर सरकारी नीति और तस्करों की चांदी

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सोने की तस्करी में जबर्दस्त इजाफा दर्ज किया जा रहा है। 2014-15 में अवैध ढंग से लाया जा रहा 1000 करोड़ रुपये मूल्य का (3500 किलोग्राम) सोना जब्त किया गया। दो साल पहले की तुलना में यह मात्रा लगभग दस गुनी है।
 

बाल श्रम क़ानून में सुधार– सही या गलत?

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कैबिनेट द्वारा अनुमोदित बाल मजदूरी पर प्रस्तावित अधिनियम को मीडिया बाल मजदूरी को बदावा देने वाला एक पिछडा कदम बता रही है। वास्तव में, यह अधिनियम बाल मजदूरी को लगभग पूरी तरह से प्रतिबंधित  करता है। 
 

पुस्तक 'पावर्टी एंड प्रोग्रेसः रियालिटीज एंड माइथ्स अबाउट ग्लोबल पावर्टी' का विमोचन

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विकास और गरीबी से संबंधित वास्तविकताओं और भ्रांतियों पर आधारित है अर्थशास्त्री दीपक लाल की यह पुस्तक