स्वतंत्र पार्टी - उदारवाद की बुलंद आवाज (2)

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स्वतंत्र पार्टी का 21 सूत्री कार्यक्रम

1 और 2 अगस्त 1959 को मुंबई में हुए स्वतंत्र पार्टी के तैयारी सम्मेलन में इस 21 सूत्री कार्यक्रम को स्वीकार किया गया।

  1. स्वतंत्र पार्टी धर्म,जाति ,व्यवसाय और राजनीतिक भेदभाव के बगैर सभी को सामाजिक न्याय और अवसरों की समानता का वादा करती है।
  2. पार्टी का मानना है लोगों की प्रगति,कल्याण और खुशी व्यक्तिगत पहल,उद्यमशीलता और ऊर्जा पर निर्भऱ करती है । पार्टी व्यक्ति को अधिकतम स्वतंत्रता और राज्य के न्यूनतम हस्तक्षेप, के पक्ष में हैं। राज्य पर केवल यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि असामाजिक गतिविधियों को रोके और दंडित करे तथा समाज के कमजोर वर्गों को संरक्षण दे। ऐसी स्थितियां पैदा करें जिसमें व्यक्तिगत अभिक्रम फले फूले और फलदायी हो। इसलिए पार्टी अभी बढ़ रहे राज्य के हस्तक्षेप के विरूद्ध है।
  3. पार्टी का विश्वास है कि सरकार को नैतिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए कानून और अनिवार्यताओं आदि तरीकों के बजाय हमारी संस्कृति में निहित गर्व,संतोष ,दूसरों की सेवा करके प्राप्त होने वाले आनंद की भावना का उपयोग करना चाहिए ।
  4. हमारा यह मानना है कि सरकार की नीतियां लोगों के प्रति आस्था पर आधारित होनी चाहिए न कि  लोगों की स्वतंत्रता की कीमत पर राज्य के  आधिकारियों को ज्यादा अधिकार देने या राज्य के बलप्रयोग  या वर्गों के बीच संघर्ष और नफरत को प्रोत्साहन देने पर ।
  5. हमारी पार्टी मानती है कि आध्यात्मिक मूल्यों  और हमारी परंपरा में जो भी अच्छा उसके संरक्षण के लिए हर प्रयत्न किया जाना चाहिए और जीवन के शुद्ध भौतिकतावादी दर्शन के वर्चस्व को कायम होने से बचाना चाहिए जो  स्वत्व और गुणवत्ता की चिंता किए बगैर केवल जीवन स्तर के बारे में सोचता है ।
  6. पार्टी की मान्यता है कि सरकार की वर्तमान नीतियों और उसकी भविष्य की योजनाओं को लेकर जो अलग- अलग भविष्यवाणियां की गई हैं उनसे पैदा हुई अनिश्चितता को दूर करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। इन नीतियों के कारण खेतों,दुकानों और फैक्ट्रियों में व्यक्तिगत पहल और उद्योजकता में कमी आ रही है। हमारा मानना है कि स्थायित्व की भावना और व्यक्तिगत प्रयासों को प्रोत्साहन को तभी पुनस्थापित किया जा सकता है जब संविधान में वर्णित मूलभूत अधिकारों और गारंटियों को कठोरतापूर्वक लागू किया जाए। संविधान में मूलरूप में संपत्ति ,व्यापार और व्यवसाय की स्वतंत्रता थी और सार्वजनिक हितों के लिए संपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण की स्थिति में न्यायपूर्ण मुआवजे का प्रावधान था।
  7. पार्टी की मान्यता है कि राष्ट्रीय विकास के लिए अपनाई गई नीतियों में प्राधमिकता जनता की बुनियादी जरूरतों - रोटी,कपड़ा मकान और पानी -को दी जानी चाहिए।
  8. पार्टी का मानना है कि हर नागरिक को अपने बच्चों को अपनी पसंद के मुताबिक सरकारी निर्देशों की बाधा के बगैर मुक्त वातावरण में शिक्षा देने का अधिकार है। सरकार को बगैर किसी भेदभाव के ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिएं।
  9. पार्टी का मानना है कि अनाज का उत्पादन बढ़ाना सबसे बड़ी जरूरत है। इसे उन  स्वरोजगार करनेवाले किसानों के जरिये  बेहतर तरीके हासिल किया जा सकता है जिनकी अपनी खेतों से ज्यादा  उत्पादन लेने में दिलचस्पी हो। पार्टी ग्रामीण जीवन सद्भावना को  चोट पहुंचाए बगैर ज्यादा उत्पादन के लिए भौतिक और मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन देकर कृषि सुधार का सधन कार्यक्रम चलाने पर विश्वास करती है। पार्टी मानती है कि जमीन के स्वामित्व,प्रबंधन और जुताई की व्यवस्था में कोई खलल नहीं डाला जाना चाहिए। हम मानते है कि अभी चलाए जा रहे सिंचाई,माल की सप्लाई,क्रेडिट और मार्केटींग सुविधाओं की तुलना में ज्यादा प्रभावी कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए। पार्टी कृषि को ज्यादा मदद दिए जाने पर विश्वास करती है लेकिन ऐसे संगठनों द्वारा खेती के खिलाफ है जो स्वामित्व को केवल कागजी बना देते हैं। वे एक तरह से ढीलेढाले  किस्म का बहुस्वामित्व है जो किसान और उसके परिवार की पहल को कम करता है। पैदावार को कम करता है और सरकारी प्रबंधवाली सामूहिक अर्थव्यवस्था की तरफ ले जाता है । पार्टी सामूहिकीकरण,ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नौकरशाही प्रबंधन का मजबूती से विरोध करती है। पार्टी ने इस बात पर गौर किया है कि  ग्रामीण जनता में इस बात को लेकर असंतोष है कि उनकी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उसका मानना है कि ग्रामीण लोगों के जीवन स्तर को सुधारा जाना चाहिए और उन सभी बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए  जो उनके उच्च जीवन स्तर को प्राप्त करने में बाधक हैं।
  10. औद्योगिक क्षेत्र के बारे मे पार्टी मानती है प्रतियोगी व्यापार में निहित उच्च उत्पादन और विस्तार को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मजदूरों की सुरक्षा,अनुचित मुनाफे,दामों के लिए सुरक्षात्मक उपाय किएं जाएं जहां प्रतियोगिता पर्याप्त सुधारत्मक उपाय  नहीं करती। पार्टी का विश्वास है कि सार्वजनिक क्षेत्र की भारी उद्योगों में भूमिका पर नियंत्रण करना जरूरी है ताकि वे इस क्षेत्र में निजी उद्योगों की पूरक बनें जैसे रेलवे जैसी राष्ट्रीय सेवा है या ऐसे नए उद्योग  जिनमें निजी पहल कठिन है।
  11. पार्टी सभी छोटे और स्वरोजगार करनेवाले कारीगरों और व्यापारियों के संरक्षण के पक्ष में है जो राज्यवाद की नीति के कारण अपना व्यवसायगत अवसर खोने के खतरे से जूझ रहे हैं। ये लोग हमारे समाज के लिए महान ,व्यापक और कम खर्चीले काम करते हैं। और उनका क्रमिक रूप से खत्म होते जाना राष्ट्रीय दुर्भाग्य है और यह हमारी बेरोजगारी की समस्या को बढ़ाएगा।
  12. पार्टी सार्वजनिक व्यय में भारी कमी लाने के पक्ष में हैं।उसका मानना है कि कराधान ऐसे स्तरों पर रखा जाना चाहिए ताकि वह  शहरी और ग्रामीण लोगों के जीवनस्तर में हस्तक्षेप न करे लेकिन प्रशासन  और राज्य द्वारा चलाई जानेवाली सामाजिक और आर्थिक सेवाओं को चलाने के लिए जरूरी और पर्याप्त हो लेकिन इतने ज्यादा और कठोर न हों कि पूंजी निर्माण और निजी निवेश  में बाधक बनें।
  13. पार्टी दमघोटू कराधान ,असामान्य वित्तीय घाटे और विदेशी कर्ज पर आधारित विकास कार्यक्रमों के खिलाफ है जो देश की भुगतान क्षमता से परे हों।  
  14. पार्टी उन सभी नीतियों खिलाफ  है जिनसे  ज्यादा मुद्रास्फीति,बचत ,निश्चित आमदनी और संपत्ति का मूल्य घटानेवाले ऊंचे दामों को बढ़ावा मिलता है जो सुदूर भविष्य के लाभों की उम्मीद में वर्तमान पीढी के लिए तकलीफ पैदा करते हैं।
  15. पार्टी का मानना है कि सार्वजनिक प्रशासन की लागत को काफी कम किया जाना चाहिए। वह सेवाओं में ईमानदारी और सक्षमता के हिमायती हैं और नौकरशाही मशीनरी  के खिलाफ हैं। अधिकारियों को ऐसे काम करने के लिए कहना जिन्हें नागरिक और प्रायवेट एजंसिया अच्छी तरह कर सकती है ,राष्ट्रीय संसाधनों  का अनुत्पादक अपव्यय है।
  16. पार्टी की मान्यता है कि राज्य उद्योगों के विकेंद्रीकृत वितरण की सुविधाओं को प्रोत्साहित करके  और अपने  नियमन के कार्य को जहां जरूरी हो वहां असामाजिक गतिविधियों को दंड देने और उनके निरोध तक सीमित रखकर देश की बेहतर सेवा कर सकता है।
  17. पार्टी जीवन के क्षेत्रों में  पूर्ण और स्थायी रोजगारों का सृजन करने के पक्ष में है और राष्ट्रीय संसधनों के विकास और बेरोजगारी को कम करने के लिए चौतरफा औद्योगिकीकरण समर्थक है।हम कैपीटल गुडस्,,उद्योगों ,संगठित उपभोक्ता उत्पाद उद्योगों और उन उद्योगों जिनसे कृषि उत्पादों के लघु स्तरपर  प्रसंस्करण के द्वारा पूरक रोजगार पैदा हो उनके संतुलित विकास में विश्वास करते हैं।
  18. पार्टी खेतों ,दुकानों और कारखानों में मजदूरी,बढ़ी उत्पादकता और सामूहिक सौदेबाजी के लिए संगठित होने के बारे में मजदूरो को न्याय दिलाने की पक्षपाती है। न्याय दिलाने के लिए वह पूंजी और श्रम में संघर्ष पैदा होनेपर उनके हितों में सामंजस्य स्थापित करने की हिमायती है।
  19. पार्टी अफसरों द्वारा निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से और भेदभाव के बिना अपना काम करने से विचलित करने के लिए किसी तरह का दबाव लाए जाने के खिलाफ है। हम नियम,कानून और स्वतंत्र न्यायपालिका संविधान द्वारा अदालतों को न्यायिक समीक्षा के लिए दिए गए अधिकार को  पूरी लागू करने  के हिमायती हैं।
  20. पार्टी हर मामले में गांधीजी की महत्वपूर्ण शिक्षाओं-जनता में विश्वास और अहिंसा के सत्य के महत्व - को अपने समक्ष रखेगी। 
  21. स्वतंत्र पार्टी का मानना है कि लोकतंत्र की सबसे अच्छी सेवा यह हो सकती है कि हर पार्टी अपने सदस्यों को उनके बुनियादी सिद्धांतों के अलावा अन्य मामलों में राय रखने की स्वतंत्रता दे।