‘कास्ट ऑन द मेन्यू कार्ड’ को जीविका फ्रीडम अवार्ड

 - सागर मानव के साथ बेस्ट स्टूडेंट कैटेगरी का संयुक्त अवार्ड भी किया अपने नाम

- लास्ट ऑन द एलिफैंट मेन ने भी जीते दो अवार्ड, बनी बेस्ट लॉंग डॉक्यूमेंट्री

- बेस्ट शॉर्ट फिल्म बनी डांसिंग शूज, टायर्स को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवार्ड

नई दिल्ली। बीफ मुद्दे के कारण विवादों के घेरे में आयी ‘कास्ट ऑन द मेन्यू कार्ड’ डॉक्यूमेंट्री ने प्रतिष्ठित “जीविका एशिया लाइवलीहुड डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल” के 12वें संस्करण में ‘जीविका फ्रीडम अवार्ड’ जीतने में सफलता पायी है। इस फिल्म ने स्टूडेंट वर्ग में भी संयुक्त रूप से बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड ‘सागर मानव’ के साथ साझा किया। इसके अलावा ‘लास्ट ऑन द एलिफैंट मेन’ को बेस्ट लॉंग डॉक्यूमेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री को बेस्ट एडिटिंग वर्ग का अवार्ड भी हासिल हुआ। ‘डांसिंग शूज’ को बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री व ‘टायर्स’ को बेस्ट सिनेमेटोग्राफी डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड प्रदान किया गया।

थिंकटैंक ‘सेंटर फॉर सिविल सोसायटी’ द्वारा सीरीफोर्ट में आयोजित ‘12वें वार्षिक जीविका एशिया लाइवलीहुड डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल’ का रविवार को समापन हो गया। तीन दिनों तक चलने वाले इस फेस्टिवल में कुल 26 डॉक्यूमेंट्री फिल्में प्रदर्शित की गई। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्रदर्शन की अनुमति हासिल करने में असफल रही डॉक्यूमेंट्री ‘कास्ट ऑन द मेन्यू कार्ड’ जीविका फ्रीडम अवार्ड जीतने में सफल रही।

इसके अतिरिक्त चार सदस्यीय निर्णायक मंडल ने इसे ‘सागर मानव’ डॉक्यूमेंट्री के साथ संयुक्त रूप से बेस्ट स्टूडेंट डॉक्यूमेंट्री अवार्ड के लिए भी चुना। इंसान और हाथियों के संबंधों पर आधारित कंबोडियन डॉक्यूमेंट्री ‘लास्ट ऑन द एलिफैंट मैन’ को बेस्ट लॉंग डॉक्यूमेंट्री व बेस्ट एडिटिंग का अवार्ड दिया गया। बिहार के एक गरीब युवक के संघर्ष की कहानी ‘डांसिंग शूज’ व पुराने व रद्दी टायरों के डंपिंग व रिसाइक्लिंग के विषय पर आधारित म्यांमार की फिल्म ‘टायर्स’ को क्रमशः बेस्ट शॉर्ट व बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवार्ड प्रदान किया गया। विजेता डॉक्यूमेंट्रियों के निर्माताओं व उनके प्रतिनिधियों को सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के प्रेसिडेंट डा. पार्थ जे शाह व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपालकृष्ण अग्रवाल व जीविका फेस्टिवल डायरेक्टर मनोज मैत्थयू द्वारा पुरस्कार स्वरूप चमचमाती जीविका ट्रॉफी, प्रशस्ती पत्र व चेक प्रदान किया गया।

इसके पूर्व ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेसः लिफ्ट लाइसेंसेज, लिफ्ट लाइव्स’ विषय पर एक पैनल परिचर्चा का आयोजन भी किया गया। परिचर्चा के दौरान, गोपालकृष्ण अग्रवाल, आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली डायलॉग कमीशन के वाइस चेयरमैन आशीष खेतान, एसएनके कॉर्प के अनिल खेतान, मुदिता एडवाइजरी की सौम्या राव व सीसीएस के डा. पार्थ जे शाह उपस्थित रहें। परिचर्चा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार सीता पार्थसारथी ने किया।

- आजादी.मी

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