ipolicy फॉर जर्नलिस्ट्स, जिम कॉर्बेट के लिए अब 6 अप्रैल तक करें आवेदन

सेंटर फार सिविल सोसायटी व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी एकबार फिर लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए अवार्ड विनिंग सर्टिफिकेट कार्यक्रम ipolicy वर्कशॉप। सुरम्य वातावरण व खूबसूरत वादियों में ipolicy वर्कशॉप कराने की परंपरा को जारी रखते हुए इस वर्ष उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट को चुना गया है। जिम कॉर्बेट के स्टर्लिंग रिसॉर्ट में 20 से 22 अप्रैल 2018 तक चलने वाले ipolicy वर्कशॉप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। वर्कशॉप में शामिल होने के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख  बढ़ा कर 6 अप्रैल कर दी गई है। तीन दिनों (दो रातें व तीन दिनों) के इस आवासीय वर्कशॉप के दौरान सामाजिक समस्याओं के मूल कारणों और सरकारी नीतियों के पर्यावरण, शिक्षा, रोजगार, सुशासन पर पड़ने वाले परिणामों पर विमर्श किया जाएगा। यह वर्कशॉप पत्रकारों को खबर खोजने तथा घटनाओं और प्रवृत्तियों के तीक्ष्ण विश्लेषण के लिए नई दृष्टि प्रदान करेगा। वर्कशॉप की फीस एक हजार (1,000/-) रूपये है जिसका भुगतान वर्कशॉप के लिए चयन होने के बाद ही किया जा सकेगा। वर्कशॉप को सफलता पूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को आयोजकों की तरफ से सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

ipolicy वर्कशॉप का उद्देश्यः
पब्लिक पॉलिसी के बारे में समझ बढ़ने से पत्रकार तब ज्यादा सजग और जिज्ञासु हो जाता है जब पॉलिसीज़ बनाने की नीयत और उसके गैर इरादतन परिणामों के बीच फर्क करना होता है। सामाजिक समस्याओं और संघर्ष की घटनाओं को अक्सर अधिक जनसंख्या, लोगों के स्वार्थ, उद्यमियों के लालच आदि का परिणाम बता जवाबदेही से बचने की कोशिश की जाती है और गलत नीतियों पर पर्दा डाला जाता है। इस बात की अनदेखी की जाती है कि अधिकांश मामलों में इसका कारण गलत सार्वजनिक नीतियां होती हैं। सेंटर फार सिविल सोसायटी और आजादी.मी का उद्देश्य पत्रकारों में यह समझ पैदा करना है कि किस तरह सामाजिक समस्याएं वर्तमान नीतियों का परिणाम हैं या वह गैर अच्छी नीतियों के कारण बिगड़ती जा रही हैं। सामाजिक बदलाव को प्रभावित करने के लिए लोक नीति पर ध्यान केंद्रित करके ipolicy वर्कशॉप भारतीय पत्रकारिता की गुणवत्ता और नैतिक आधार को मजबूत बनाना चाहती है।

पत्रकारों के लिए कुछ बुनियादी लाभ
• भारत के प्रमुख जनमत निर्माताओं, समीक्षकों, ब्लागरों और रिपोर्टरों से संपर्क और उनके अनुभवों के बारे में जानने का अवसर। साथ ही पब्लिसिटी, एडवोकेसी और रिपोर्टिंग तकनीक की नवीनतापूर्ण जानकारी।
• वर्तमान सामाजिक समस्याएं और शासन की स्थिति को सुधारने और सभी गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ मुहैया कराने में सरकार, बाजार और सिविल सोसायटी की भूमिकाओं को परिभाषित करना।
• वस्तुनिष्ठ तथ्यों और आत्मनिष्ठ दृष्टिकोणों के अंतर को स्पष्ट करना।

मीडिया संस्थाओं को बुनियादी लाभ
रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार, जैसे मुख्य मुद्दों के गहन विश्लेषण के द्वारा तथ्यों और राय के बीच के घालमेल को कम करना और पाठकों को वास्तविक और समसामयिक समाधानों से अवगत कराना। लोक नीति और विकास की दिशा को तय करने में लोक नीतियों की भूमिका के बारे में समझ बढ़ाना। नीति निर्माताओं को सोचने और सवाल करने के तरीके उपलब्ध कराना।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली, मैक्लॉडगंज, मसूरी, सरिस्का, ऋषिकेष व नैनीताल व जिम कॉर्बेट में इस तरह के ipolicy वर्कशॉप आयोजित किए गए हैं। इनमें एसोसिएटेड प्रेस, पीटीआई, लोकसभा टीवी, एनडीटीवी, जी न्यूज, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, प्रभात खबर, नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदुस्तान टाइम्स, द संडे इंडियन, सहारा, ईनाडू टीवी जैसे मीडिया संगठनों के पत्रकारों ने हिस्सा लिया। इन कार्य़क्रमों में भाग लेने वाले पत्रकारों ने अपने संगठनों में लौटकर अपने साथियों को उन बातों से अवगत कराया जो उन्होंने ipolicy वर्कशॉप में सीखीं थीं, और जिन मुद्दों में उनकी दिलचस्पी थी उन पर दीर्घकालिक कार्य़ शुरू किया।

कौन भाग ले सकता है ?
ipolicy वर्कशॉप में शामिल होने के लिए समाचार के विभिन्न माध्यमों (प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक/ऑनलाइन संस्करण/रेडियो/न्यूज एजेंसी) आदि में कार्यरत व कम से कम 4 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। समाचार माध्यमों के वरिष्ठ संवाददाताओं, फीचर लेखकों, उप संपादकों, सह संपादकों, प्रोड्यूसरों और एंकरों को आमंत्रित करता है। अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2018 तक प्राप्त आवेदनों में से योग्यता के आधार पर चयन किया जाएगा है। वर्कशॉप में कुल सीटों की संख्या अधिकतम 26 है।

कृपया ध्यान दें :
• आवेदन करने के लिए http://bit.ly/2GrPU5N पर क्लिक करें।
• चुने गए प्रतिभागियों के लिए पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान उपस्थित रहना होगा। तभी उन्हें लोकनीति के बारे में प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
• वर्कशॉप में रजिस्ट्रेशन के लिए एक हजार (1,000) रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान आवेदक के चयनित होने के पश्चात लिया जाएगा। दिल्ली से वर्कशॉप स्थल तक आने जाने, दो रात व तीन दिन तक ठहरने, स्टेशनरी, नाश्ता, दो समय के भोजन और चाय आदि की व्यवस्था आयोजकों के द्वारा की जाएगी।
• चयनीत आवेदकों को वर्कशॉप के सभी सत्रों व गतिविधियों में शामिल होना आवश्यक होगा।
• वर्कशॉप को सफलता पूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को ही सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
• वर्कशॉप को बीच में छोड़ने अथवा सभी सत्रों में शामिल न रहने वाले अभ्यर्थियों को रिज़ॉर्ट तक आने-जाने, ठहरने व खाने पीने आदि का खर्च स्वयं वहन करना होगा और आयोजक को अभ्यर्थी से वास्तविक लागत वसूलने को अधिकार होगा।

नोटः • सभी आवेदन और मनोनयन 6 अप्रैल 2018 तक प्राप्त हो जाने चाहिए। 6 अप्रैल 2018 के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
• महिला व पुरूष पार्टिसिपेंट्स के लिए कमरों की व्यवस्था अलग अलग होगी जो ट्विन शेयरिंग (एक कमरे में दो लोगों के ठहरने की व्यवस्था) होगी।
• आयोजकों द्वारा उपरोक्त वर्णित सुविधाओं के अतिरिक्त व्यक्तिगत तौर पर किए गए खर्च का वहन पार्टिसिपेंट को स्वयं करना होगा।
• अंतिम समय में कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार आयोजक के पास है और पार्टिसिपेंट्स को आयोजकों के निर्णय स्वीकार्य होंगे।

पिछले ipolicy कार्यशालाओं से संबंधित तस्वीरें http://bit.ly/2DwnHrC पर देखी जा सकती हैं।

किसी भी अन्य जानकारी के लिए अविनाश चंद्र – 9999882477 या 26537456 विस्तार 39 पर संपर्क करें अथवा www.azadi.me पर क्लिक करें...

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