पत्रकारों के लिए अगली ipolicy वर्कशॉप मैक्लोडगंज में, आवेदन शुरू

- 25 से 27 अगस्त तक चलेगी कार्यशाला, आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त
- पब्लिक पॉलिसी व एजुकेशन पॉलिसी पर आधारित होगी ipolicy, हरियाणा व चंडीगढ़ के पत्रकारों को मिलेगी वरीयता

सेंटर फार सिविल सोसायटी एडलगिव के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी एकबार फिर लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए अवार्ड विनिंग सर्टिफिकेट कार्यक्रम ipolicy वर्कशॉप। सुरम्य वातावरण व प्रकृति की हसीन वादियों में ipolicy वर्कशॉप कराने की परंपरा को जारी रखते हुए इसवर्ष हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन मैक्लोडगंज को चुना गया है। 25 से 27 अगस्त 2017 तक चलने वाले इस वर्कशॉप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। वर्कशॉप में शामिल होने के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 अगस्त 2017 है। तीन दिनों (दो रातें व तीन दिन) के इस आवासीय वर्कशॉप के दौरान सामाजिक समस्याओं के मूल कारणों और सरकारी नीतियों के शिक्षा, गरीबों के लिए रोजगार, सुशासन पर होनेवाले परिणामों का जायजा लिया जाएगा। यह वर्कशॉप पत्रकारों को खबर खोजने तथा घटनाओं और प्रवृत्तियों के तीक्ष्ण विश्लेषण के लिए नई दृष्टि प्रदान करेगा। वर्कशॉप में हरियाणा व चंडीगढ़ के पत्रकारों को वरीयता दी जाएगी। वर्कशॉप की फीस एक हजार (1,000/-) रूपये है जिसका भुगतान वर्कशॉप के लिए चयन होने के बाद ही किया जा सकेगा। वर्कशॉप को सफलता पूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को आयोजकों की तरफ से सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

ipolicy वर्कशॉप का उद्देश्यः
लोक नीति के बारे में समझ बढ़ने से पत्रकार तब ज्यादा सजग और जिज्ञासु हो जाता है जब लोक नीतियों के इरादों और उसके गैर इरादतन परिणामों के बीच फर्क करना होता है। अक्सर इस बात की उपेक्षा की जाती है कि नीतियों की विकास की समस्याओं और सामाजिक संघर्ष पैदा करने में सीधी भूमिका होती है। सेंटर फार सिविल सोसायटी और आजादी.मी का उद्देश्य पत्रकारों में यह समझ पैदा करना है कि किस तरह सामाजिक समस्याएं वर्तमान नीतियों का परिणाम हैं या वह गैर अच्छी नीतियों के कारण बिगड़ती जा रही हैं। सामाजिक बदलाव को प्रभावित करने के लिए लोक नीति पर ध्यान केंद्रित करके ipolicy वर्कशॉप भारतीय पत्रकारिता की गुणवत्ता और नैतिक आधार को मजबूत बनाना चाहती है।

पत्रकारों के लिए कुछ बुनियादी लाभ
• भारत के प्रमुख जनमत निर्माताओं, समीक्षकों, ब्लागरों और रिपोर्टरों से संपर्क और उनके अनुभवों के बारे में जानने का अवसर। साथ ही पब्लिसिटी, एडवोकेसी और रिपोर्टिंग तकनीक की नवीनतापूर्ण जानकारी।
• वर्तमान सामाजिक समस्याएं और शासन की स्थिति को सुधारने और सभी गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ मुहैया कराने में सरकार, बाजार और सिविल सोसायटी की भूमिकाओं को परिभाषित करना।
• वस्तुनिष्ठ तथ्यों और आत्मनिष्ठ दृष्टिकोणों के अंतर को स्पष्ट करना।

मीडिया संस्थाओं को बुनियादी लाभ
रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार, जैसे मुख्य मुद्दों के गहन विश्लेषण के द्वारा तथ्यों और राय के बीच के घालमेल को कम करना और पाठकों को वास्तविक और समसामयिक समाधानों से अवगत कराना। लोक नीति और विकास की दिशा को तय करने में लोक नीतियों की भूमिका के बारे में समझ बढ़ाना। नीति निर्माताओं को सोचने और सवाल करने के तरीके उपलब्ध कराना।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली, जिम कॉर्बेट, मसूरी, सरिस्का, ऋषिकेष व नैनीताल में इस तरह के ipolicy वर्कशॉप आयोजित किए गए हैं। इनमें एसोसिएट प्रेस, पीटीआई, लोकसभा टीवी, एनडीटीवी, जी न्यूज, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, प्रभात खबर, नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदुस्तान टाइम्स, द संडे इंडियन, सहारा, ईनाडू टीवी जैसे मीडिया संगठनों के पत्रकारों ने हिस्सा लिया। इन कार्य़क्रमों में भाग लेने वाले पत्रकारों ने अपने संगठनों में लौटकर अपने साथियों को उन बातों से अवगत कराया जो उन्होंने ipolicy वर्कशॉप में सीखीं थीं, और जिन मुद्दों में उनकी दिलचस्पी थी उन पर दीर्घकालिक कार्य़ शुरू किया।

कौन भाग ले सकता है ?
ipolicy वर्कशॉप में शामिल होने के लिए समाचार के विभिन्न माध्यमों (प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक/ऑनलाइन संस्करण/रेडियो/न्यूज एजेंसी) आदि में कार्यरत व कम से कम 4 वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। समाचार माध्यमों के वरिष्ठ संवाददाताओं, फीचर लेखकों, उप संपादकों, सह संपादकों, प्रोड्यूसरों और एंकरों को आमंत्रित करता है। हरियाणा के पत्रकारों विशेषकर शिक्षा बीट कवर करने वाले आवेदकों को वरीयता दी जाएगी। अंतिम तिथि 15 अगस्त 2017 तक प्राप्त आवेदनों में से योग्यता के आधार पर चयन किया जाएगा है। वर्कशॉप में कुल सीटों की संख्या अधिकतम 26 है।

कृपया ध्यान दें :
• आवेदन करने के लिए http://bit.ly/2tWgGA9 पर क्लिक करें।  
• चुने गए प्रतिभागियों के लिए पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के दौरान उपस्थित रहना होगा। तभी उन्हें लोकनीति के बारे में प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
• वर्कशॉप में रजिस्ट्रेशन के लिए एक हजार (1,000) रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान आवेदक के चयनित होने के पश्चात लिया जाएगा। वर्कशॉप स्थल (बस से) तक आने जाने, दो रात व तीन दिन तक ठहरने, स्टेशनरी, नाश्ता, दो समय के भोजन और चाय आदि की व्यवस्था सीसीएस द्वारा की जाएगी।
• चयनीत आवेदकों को वर्कशॉप के सभी सत्रों व गतिविधियों में शामिल होना आवश्यक होगा।
• वर्कशॉप को सफलता पूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को ही सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
• वर्कशॉप को बीच में छोड़ने अथवा सभी सत्रों में शामिल न रहने वाले अभ्यर्थियों को रिज़ॉर्ट तक आने-जाने, ठहरने व खाने पीने आदि का खर्च स्वयं वहन करना होगा और आयोजक को अभ्यर्थी से वास्तविक लागत वसूलने को अधिकार होगा।  

नोटः सभी आवेदन और मनोनयन 15 अगस्त 2017 तक प्राप्त हो जाने चाहिए। 15 अगस्त 2017 के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

किसी भी अन्य जानकारी के लिए अविनाश चंद्र – 9999882477 या 26537456 विस्तार 39 पर संपर्क करें अथवा www.azadi.me पर क्लिक करें...

सेंटर फार सिविल सोसायटी के बारे में
सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी की स्थापना 15 अगस्त, 1997 को की गई थी। यह दिल्ली स्थित एक स्वतंत्र, लाभ न कमाने वाला, अनुसंधान और शैक्षिक थिंक टैंक है। जो नागरिक समाज को पुर्नजीवित करते हुए और राजनैतिक समाज की पुनर्रचना के द्वारा  भारत के समस्त नागरिकों के लिए अवसर और समृद्धि बढ़ाने, जीवन की गुणवता में सुधार लाने के काम में लगा हुआ है। हमारा उद्देश्य है मुख्य नीतिगत मुद्दों विशेषकर सुशासन, जीविका और शिक्षा के क्षेत्र में बाजार आधारित समाधान और नवीनतापूर्ण सामाजिक समुदायिक संसाधन बनकर लोकनीति के जरिये सुधार लाना। हम अनुसंधान कार्यक्रमों, सेमिनारों और प्रकाशनों के माध्यम से लोगों के विचारों, अभिमतों और विचार पद्धति में परिवर्तन लाने की कोशिश करते हैं। हम सीमित नियंत्रण, विधि सम्मत शासन, मुक्त व्यापार और व्यक्तिगत अधिकारों की हिमायती हैं। सीसीएस अकादमी पत्रकारों, यंग लीडर्स, डेवलपमेंट लीडर्स के लिए शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करती है जहां प्रतिभागी समाजिक समस्याओं के नीति पर आधारित समाधानों पर मंथन करते हैं।