कमेन्टरी - गुरचरण दास

गुरचरण दास

इस पेज पर गुरचरण दास के लेख दिये गये हैं। उनके लेख विभिन्न भारतीय एवं विदेशी शीर्ष पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं। इसके अलावा उन्होने कई बेस्टसेलर किताबें भी लिखी हैं।

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आम आदमी पार्टी को दिल्ली चुनावों में मिली सफलता से तमाम भारतीय नागरिक मंत्रमुग्ध हैं। आम आदमी पार्टी का नेतृत्व 45 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के हाथों में है, जो फिलहाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। यह पार्टी महज एक साल पुरानी है, लेकिन इसकी अपार लोकप्रियता भारत के दो प्रमुख राजनीतिक दलों-वाम नीतियों के प्रति झुकाव रखने वाली कांग्रेस और हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी की सर्वोच्चता को चुनौती पेश कर रही है। अपनी तमाम प्रशंसनीय विशेषताओं के बावजूद आप वह पार्टी नहीं है जो अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर ला सके

Published on 31 Jan 2014 - 15:57

वर्ष 2014 में भारत के समक्ष जो सबसे बड़ी संभावना और चुनौती होगी, वह आर्थिक विकास की उच्च दर को वापस लौटाने की होगी, जैसा कि कुछ वर्ष पहले था। यह केवल उच्च विकास ही है जो हमारे देश की सतत समृद्धि को सुनिश्चित करेगी। 2014 के आम चुनावों में हमें अवश्य ही एक ऐसे उम्मीदवार और पार्टी के पक्ष में मतदान करना चाहिए जो विकास को वापस पटरी पर लौटा सके।

हमें नहीं भूलना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में एक फीसद की बढ़ोतरी से प्रत्यक्ष तौर पर 15 लाख

Published on 30 Dec 2013 - 15:37

लंबे वक्त के बाद आखिर भारतीय लोकतंत्र सही दिशा में जाता दिखाई दे रहा है और आगामी चुनाव में मतदाताओं के सामने अच्छे विकल्प मौजूद हैं। इसमें एक विकल्प वाम-मध्यमार्गी और दक्षिण-मध्यमार्गी आर्थिक नीतियों के बीच चुनाव का है। यह ध्रुवीकरण कई लोकतंत्रों में मौजूद है, जो लोगों को समृद्धि की ओर ले जाने वाले दो सर्वथा भिन्न रास्तों के बारे में परिचित कराता है। दो मुख्य दल, कांग्रेस और भाजपा (नरेंद्र मोदी इसके अधिकृत प्रत्याशी बनने के बाद) इस ध्रुवीकरण को दर्शाते हैं।

Published on 28 Oct 2013 - 18:08

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