कमेन्टरी - गुरचरण दास

गुरचरण दास

इस पेज पर गुरचरण दास के लेख दिये गये हैं। उनके लेख विभिन्न भारतीय एवं विदेशी शीर्ष पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं। इसके अलावा उन्होने कई बेस्टसेलर किताबें भी लिखी हैं।

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मनमोहन सिंह का उत्थान और पतन आधुनिक समय की त्रासदी है। इसे उनके पूर्व मीडिया सलाहकार संजय बारू की किताब 'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में दर्ज किया गया है। कई लोगों ने कहा कि ऐसी किताब तो तब लिखी जानी चाहिए जब मुख्य पात्र काल-कवलित हो गए हों या कम से कम अपने पद पर न हो। ऐसी किताब चुनाव के दौरान तो नहीं ही प्रकाशित की जानी चाहिए। खैर, यह किताब भाजपा के लिए यूपीए-2 सरकार को लताडऩे के लिए वक्त पर मिला तोहफा सिद्ध हुई।
 
Published on 29 Apr 2014 - 19:04
आने वाले कुछ सप्ताह में मैं मतदान करने के लिए जाऊंगा। मतदान बूथ पर मेरा सामना खामियों-खराबियों वाले उम्मीदवारों से होगा, लेकिन मेरे सामने उसे चुनने की मजबूरी होगी जिसमें सबसे कम खामी होगी। यहां सवाल यही है कि किस आधार पर मैं अपनी पसंद के उम्मीदवार का चयन करूं? सामान्य सी बात है कि मैं उस उम्मीदवार को वोट देना पसंद करूंगा जो करोड़ों भारतीयों के जीवन में संपन्नता-समृद्धि लाने में मददगार हो। इस संदर्भ में भ्रष्टाचार, महंगाई, सेक्युलरिज्म और आतंकवाद जैसी बातें भी अपेक्षाकृत कम महत्व रखती हैं
Published on 8 Apr 2014 - 17:20

अगले महीने होने वाले आम चुनाव भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण चुनाव हो सकते हैं। देश के सामने विशाल युवा आबादी के रूप में सीमित मौका है। यदि हम उचित प्रत्याशी को चुनते हैं तो यह फैसला करोड़ों भारतीयों की जिंदगी में समृद्धि लाएगा और वक्त के साथ भारत एक मध्यवर्गीय देश हो जाएगा। यदि हम गलत उम्मीदवार चुनते हैं तो फायदे की यह स्थिति विनाश में बदल सकती है और भारत इतिहास में पराजित देश के रूप में दर्ज हो सकता है।

भारत के अवसर इस तथ्य में निहित हैं कि यह एक खास तरीके से युवा देश है। खास इस तरह कि यहां

Published on 28 Mar 2014 - 17:49

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