भारत के सर्वाधिक बुद्धिमान राजनेता 'राजाजी'

चक्रवर्ती राजागोपालाचारी उर्फ राजाजी (10 दिसंबर 1878 - 25 दिसंबर 1972) गांधी जी के सच्चे अनुयायी थे। वे प्रखर विद्वान, अधिवक्ता, विचारक और राजनीतिज्ञ थे। राजाजी ने मद्रास के प्रेसिडेंसी कॉलेज से 1897 में कानून की पढ़ाई (स्नातक) पूरी करने के बाद वे 1906 में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हुए। रॉलेट एक्ट का विरोध और असहयोग आंदोलन जैसे आंदोलनों में वे प्रमुखता से सक्रिय रहे। सूबे के किसानों को कर्ज के बोझ से राहत दिलाने के लिए उन्होंने मद्रास सूबे के प्रधान के तौर पर उन्होंने 1938 में कृषि कर्ज राहत कोष की व्यवस्था की। सबकी भागीदारी और समावेशी विकास की अपनी मान्यता पर जोर देते हुए राजाजी ने दलितों और अछूतों के हिंदू मंदिरों में प्रवेश पर लगे रोक को हटाने के लिए मंदिर प्रवेश अनुज्ञा और क्षतिपूर्ति अधिनियम (टेम्पल एंट्री ऑथराइज़ेशन एंड इंडेम्निटी एक्ट) 1939 लागू किया..

- आजादी.मी

Add new comment

Filtered HTML

  • Lines and paragraphs break automatically.
  • Allowed HTML tags: <a> <em> <strong> <cite> <blockquote> <code> <ul> <ol> <li> <dl> <dt> <dd>
  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.

Plain text

  • No HTML tags allowed.
  • Web page addresses and e-mail addresses turn into links automatically.
  • Lines and paragraphs break automatically.