अधिक जानकारी के लिये देखें: http://www.ccs.in/ccsindia/communities-markets.asp
मैं पैंसिल! मेरा परिवार वृक्ष!!मैं लैड पेंसिल हूँ- साधारण लकडी की पैंसिल, जिसे सभी पढ़ने-लिखने वाले लड़के, लड़कियॉ और बड़े जानते हैं। लिखना मेरी प्रवृत्ति और पेशा दोनों है। कुल मिला कर मै यहीं करती हूं। प्रकाशित:
द फ्रीमैन - दिसंबर 1958
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हाथियों को बचाने की कोशिशसरकार और निजी क्षेत्र के पारस्परिक सहयोग से छत्तीसगढ़ में हाथियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। वन और वन्य जीवन की रक्षा के लिए होने वाले सरकारी प्रयास अब तक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहे हैं। शेर और बाघ को बचाने वाले वन्य जीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय पार्कों में शेर और बाघों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिली है। ऐसे में हाथियों को बचाने की छत् प्रकाशित:
इकोनॉमी इंडिया (अक्टूबर 2006)
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