शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना आवश्यक

- 'एजुकेशनः फिलॉसफी, पॉलिसी एंड प्रैक्टिस' विषयक वर्कशॉप के दौरान शिक्षा के वर्तमान व भावी स्वरूप और नीतियों पर हुई गहन चर्चा
- सेंटर फॉर सिविल सोसायटी और आजादी.मी ने मीडियाकर्मियों के लिए किया था दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन

नई दिल्ली। किसी देश व वहां के नागरिकों समेकित विकास के लिए शिक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण अवयव है। अतः देश, समाज और नागरिकों के विकास के लिए शिक्षा सभी सरकारों की प्राथमिकता सूची में होती है। हालांकि अन्य क्षेत्रों की तरह इस क्षेत्र में भी बनने वाली सरकारी नीतियों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव देखने को मिलता है। पारदर्शिता और जवाबदेही के अभाव के कारण नागरिकों से कर के रूप में हासिल होने वाले धन का एक बहुत बड़ा हिस्सा, जो कि सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में खर्च किया जाता है, बर्बाद हो जाता है। मनवांछित परिणाम न मिलने पर सरकारों द्वारा इस मद में बजट को और अधिक बढ़ाने जैसे फैसले लिए जाते हैं जबकि आवश्यकता नीतियों, उसके निर्धारण की प्रक्रिया और संबंधित विभाग, अधिकारियों आदि की जवाबदेही तय करने की है। उत्तराखंड में मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित एक वर्कशॉप में यह बातें सर्वसम्मति से उभर कर आईं।

2 व 3 जुलाई को टिहरी-गढ़वाल क्षेत्र के सिंगताली स्थित एक रिसॉर्ट में सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस), एटलस नेटवर्क, एडलगिव फाउंडेशन व आजादी.मी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'एजुकेशनः फिलॉसफी, पॉलिसी एंड प्रैक्टिस' विषयक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप का आयोजन विशेष तौर पर मीडियाकर्मियों को शिक्षा संबंधी नीतियों के निर्धारण के उद्देश्य, व्यवहार व प्रक्रिया आदि की समीक्षात्मक विवेचना करते समय विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था। वर्कशॉप के दौरान शिक्षा से सबंधित सरकारी नीतियों, शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले खर्च, लीकेज आदि को विभिन्न शोधों व आंकड़ों के माध्यम से स्पष्ट किया गया। उद्देश्य, व्यवहार व प्रक्रिया के सिद्धांतों को स्थापित करने के लिए समूह कार्य, समूह प्रस्तुती और साधार खेल व गतिविधियों को भी शामिल किया गया। दो दिनों तक चले वर्कशॉप को सीसीएस के एसोसिएट डाइरेक्टर (एडवोकेसी) अमित चंद्र, एसोसिएट डाइरेक्टर (रिसर्च), सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व आईजस्टिस के प्रशांत नारंग, शिक्षाविद व यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की प्रो. गीता गांधी किंगडन, आजादी.मी के संपादक अविनाश चंद्र व बजट प्राइवेट स्कूलों की अखिल भारतीय संस्था नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने विभिन्न सत्रों के दौरान प्रस्तुति दी।

वर्कशॉप में हिंदुस्तान समाचार पत्र से अनुराग मिश्रा, लोकसभा चैनल से अनुराग पुनेथा, लाइव इंडिया से दिनेश गौतम, भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से दिव्यांशु कुमार, दूरदर्शन से हर्षवर्द्धन त्रिपाठी, ईटीवी नेटवर्क से पवन कुमार शर्मा, एबीपी से पवन रेखा, राष्ट्रीय सहारा से रत्नेश मिश्रा, एनडीटीवी से रवीश रंजन शुक्ला, बिजनेस स्टैंडर्ड रिषभ कृषणा सक्सेना, कमल संदेश से संजीव सिन्हा, अमर ऊजाला से शालू अग्रवाल, फ्रीलांस लेखक शिवानंद दिवेदी, टोटल टीवी से तरुण कालरा, सीसीएस से रितिका शाह व ज्योति कालभोर ने हिस्सा लिया। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों विशेषकर कम फीस वाले बजट प्राइवेट स्कूलों के महत्व व योगदान पर चर्चा की गई।

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- आजादी.मी

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