क्लासिक्स

टॉम जी पामर

उदारवादी साहित्य

यह संकलन उदारवादी विचारों की एक बेहतरीन प्रस्तुति है. लेकिन उदारवाद अपने आप में इतना समृद्ध विषय है कि कोई भी लेखन इसके साथ न्याय करने में सक्षम नजर नहीं आता. साथ ही लेखन यह उन समस्त समस्याओं के साथ जिस पर उदारवादी अंत:दृष्टि पर प्रकाश डाल सके या व्यावहारिक हल निकाल सके नाकाफी होगा.

इस संग्रह में उदारवादी परंपरा की मानक कृतियां उद्धरण के तौर पर या समग्र रूप में शामिल हैं। यह छोटी निर्देशिका मुख्य पुस्तक की परिशिष्ट है जिसका उद्देश्य उन पाठकों की मदद करना है जो उदारवाद के आधारों, निहितार्थो और आश्वासनों को गहराई से जनने की इच्छा रखते हैं। (मोटे तौर पर मैंने उन कृतियों की सूची नहीं तैयार की है जो इस पाठ्य में पहले से ही दर्शाएं गए हैं, फिर भी उद्धरणों को पूरा पढ़ना आवश्यक है।) उन कृतियों के अतिरिक्त, जिन्होंने उदारवाद के विकास में योगदान किया है या जो उदारवादी नजरिये से लिखी गई हैं, मैंने प्लेटो के स्वैच्छिक सामाजिक संगठन की समीक्षा से लेकर समकालिक रूढ़िवादी, समाजवादी और सामाजिक लोकतांत्रिक समालोचनाओं तक कुछ समसामयिक और कालजयी कृतियों का भी समावेश किया है जिसमें उदारवादी दृष्टिकोण के प्रति समीक्षात्मक अभिव्यक्ति नजर आई है। देखा जाए तो आज उदारवाद नैतिक सिद्धांत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास और अन्य मानव विज्ञानों में मौजूद समस्त बहसों, साथ ही साथ पूरे विश्व में दिख रहे प्रत्यक्ष राजनीतिक संघर्षो का वस्तुत: केन्द्रीय विषय है। यहां पर महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इस तरफ न सिर्फ एक समर्थक के नजरिये से, बल्कि एक समालोचक की दृष्टि से भी देखें।

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