सीबीएसई स्वयं को परीक्षा आयोजित कराने तक ही सीमित रखेः निसा

- प्राइवेट अनएडेड स्कूलों ने प्रिंसिपल की नियुक्ति में सीबीएसई के हस्तक्षेप को बताया स्वायतता से खिलवाड़
- बजट प्राइवेट स्कूलों के लिए अलग एजुकेशन बोर्ड की मांग होगी तेज

अनएडेड बजट प्राइवेट स्कूलों की अखिल भारतीय संस्था नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोशिएशन (निसा) ने सीबीएसई द्वारा प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने निजी स्कूलों की स्वायतता से खिलवाड़ बताया है। निसा पदाधिकारियों ने सीबीएसई की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे अवांछनीय और अनुचित कदम बताया है। इसके साथ ही निसा ने बजट प्राइवेट स्कूलों के लिए अलग से एजुकेशन बोर्ड के गठन की मांग तेज करने की भी बात कही है।
निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा है कि सीबीएसई की भूमिका सिर्फ परीक्षाएं आयोजित करने तक सीमित होनी चाहिए। लेकिन बोर्ड धीरे धीरे निजी स्कूलों के दिन प्रतिदिन के संचालन में हस्तक्षेप करता जा रहा है। वह सीबीएसई द्वारा अनएडेड प्राइवेट स्कूलों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति के नियम में बदलाव के कदम पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। कुलभूषण ने सीबीएसई की मंशा पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि देश के सभी सरकारी व गैरसरकारी सर्वे यह बताते हैं कि निजी स्कूलों का प्रदर्शन हर पक्ष में सरकारी स्कूलों से बेहतर रहा है और बोर्ड के ये गैरजरूरी हस्तक्षेप उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
निसा के उपाध्यक्ष व दिल्ली चैप्टर के संयोजक राजेश मल्होत्रा का कहना है कि सीबीएसई व अन्य स्टेट बोर्ड्स के अव्यवहारिक नियमों के कारण हम अनएडेड बजट प्राइवेट स्कूलों के लिए अलग से बोर्ड के गठन की मांग करते रहे हैं। सीबीएसई के हालिया कदम के बाद अलग बोर्ड की मांग को हम और तेज करेंगे।

- प्रेस विज्ञप्ति