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Friday, November 27, 2009

एफ.डी. पर ब्याज के पेटे मिला वकील को चैक।

जयपुर के सीस्कीम इलाके में रहने वाले वकील संदीप अरोड़ा इन दिनों एक चैक को लेकर हैरान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे इस चैक को आखिर किस तरह भुनाएं। यदि बैंक में भुनाने भी जाएं तो राशि...

Monday, November 23, 2009

भारत एक बार फिर सबसे भ्रष्ट देशों की सूची में है। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार इस सूची में भारत का 84वां स्थान है। विश्व के सबसे भ्रष्ट और सबसे ईमानदार देशों से जुड़ी इस सालाना रिपोर्ट को 17 नवंबर के बर्लिन में जारी किया गया। पेश है भ्रष्टाचार के कारणों और परिणामों की विवेचना:

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Thursday, November 05, 2009

मौत से जूझते हुए एक रोगी को  इसलिए अस्पताल के भीतर  इलाज के लिए अंदर नहीं जाने दिया गया क्योंकि उस परिसर में हो रहे एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री आए हुए थे। 3 नवंबर 2009 को प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर 32 वर्षीय सुमित  वर्मा  की चंडीगढ़ के पीजीआइ अस्पताल के दरवाजे पर ही मौत हो गई।

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Thursday, October 08, 2009

शिशु मृत्यु दर एक संवेदनशील मामला है. यह किसी भी देश की चिकित्सा व्यवस्था और सरकार की अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेही पर सवाल उठाता है.

ब्रिटेन के संगठन "सेव दि चिल्ड्रन" ने पिछले हफ्ते यह कह कर समूचे देश को सकते में डाल दिया है कि दुनियाभर में असमय काल का ग्रास बनने वाले बच्चों में 20 फीसदी हिस्सा भारतीय मासूमों का होता है.

सेव दि चिल्ड्रन की ताजा...

Monday, September 14, 2009

पिछले एकाध माह में उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ जो कुछ हुआ वह विचारणीय है. बीते अगस्त के आखिरी हफ्ते में मऊ जिले में एक दलित की 23 वर्षीय बेटी का ऑपरेशन थिएटर में बलात्कार कर दिया गया. इससे पहले फर्रुखाबाद जिले में एक दलित महिला का डॉक्टर ने चैकअप करने से इनकार कर दिया था. प्रशासन का मानना है कि उसने अपना काम कर दिया. इलाज से इनकार करने वाले दो डॉक्टर...

Thursday, September 03, 2009

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा के लिए एक नए कानून का मसौदा (Whistleblower draft law) तैयार है. लेकिन बताया जा रहा है मंत्रीगण इससे मुक्त हैं...

हर दफ्तर में काम करने वाले अमूमन सभी लोग जानते हैं कि उन्हें किसकी बात कितनी सुननी है, कितना काम करना है, कब काम करना है और किसका काम करना है. अपने मामले में प्राकृतिक न्याय की हर कोई अपेक्षा करता है, लेकिन किसी दूसरे के साथ वह न्याय करें या न करें यह उनकी मर्जी या जरूरत से तय होता है.

वक्त से पहले और जरूरत से ज्यादा, जितनी जल्दी हो...

Friday, August 14, 2009

सच का सामनाप्राइम टाइम में निगाहें स्टार प्लस के प्रोग्राम “सच का सामना” पर गड़ी हैं. दर्शक हैं कि दिल थामे इंतजार कर रहे हैं कि एंकर हॉट सीट पर बैठे शख्स से अगला प्रश्न क्या पूछेगा। और यह जिज्ञासा हो भी क्यों न। हॉट सीट पर बैठा शख्स एक के बाद एक सच जो उगल रहा है। यह उससे जबरन नहीं कराया जा रहा है बल्कि वह अपनी मर्जी से कर रहा है। तभी तो “सच का सामना” में...

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