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Monday, November 16, 2015
जैन पर्व पर्युषण को देखते हुए पिछले दिनों मांस खाने पर सरकार द्वारा लगाये गए प्रतिबन्ध को लेकर काफी विवाद हुआ। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए। पर्युषण वैसे तो बीस दिन चलता है। फिर भी महारष्ट्र सरकार ने चार दिन तक जानवर वध और मीट की बिक्री पर बैन लगाया था। हालाँकि इस बैन में मछली बेचना और खाना बैन नहीं था क्योंकि सरकार की दलील थी कि मछली का वध नहीं किया जाता। वह पानी से निकालने पर खुद ब खुद मर जाती है। ये बैन महारष्ट्र से निकल, कुछ अन्य राज्यों में भी गया।  ...
Monday, November 16, 2015
सेंटर फार सिविल सोसायटी (सीसीएस) व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए ipolicy (लोकनीति में सर्टिफिकेट) कार्यक्रम। उत्तराखंड के ऋषिकेश में 4-6 सितंबर, 2015 तक चलने वाले इस कार्यशाला में प्रस्तुति का माध्यम हिंदी होगी। इस कार्यशाला में आवेदन के लिए सभी भाषाओं (हिंदी, ऊर्दू, अंग्रेजी इत्यादि) के सभी माध्यमों (टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिकाओं इत्यादि) में कार्यरत श्रमजीवी पत्रकारों (स्थायी/अस्थायी) योग्य हैं। किंतु...
Monday, November 16, 2015
अदालती कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग के पक्ष में तीन मुख्य तर्क दिए जा सकते हैं। पहला, जब देश की संसद, चाहे राज्य सभा हो अथवा लोक सभा अथवा राज्यों के विधानसभा की कार्रवाई टीवी पर सजीव प्रसारित की जा सकती है तो फिर अदालतों के पास ऐसा क्या कारण है कि वे इसका विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट व बॉम्बे हाईकोर्ट तीनों ही पिछले पांच छह सालों में अलग अलग याचिकाओं में वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग को नकार चुके हैं।
 
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Monday, November 16, 2015
निजी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया से लेकर वहां ली जाने वाली फीस पर सूबे का सियासी पारा चढ़ सकता है। दिल्ली सरकार ने जहां इन दोनों मुद्दों पर निजी स्कूलों पर नकेल कसने की कवायद शुरू कर दी है, वहीं स्कूल प्रबंधक भी सरकार के ऐसे किसी भी कदम से निपटने के लिए लामबंद होना शुरू हो गए हैं। स्कूल प्रबंधक सरकार के किसी भी अंकुश के खिलाफ जहां सड़क पर उतर सकते हैं, वहीं इस मामले में वह न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
 
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Monday, November 16, 2015
भूटान की राजधानी थिंपू में अपने तीन पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, भूटान व नेपाल से भारत का मोटर वाहन सड़क-पारगमन समझौता एक नए दौर का आगाज है। शायद कुछ लोगों को ऐतराज हो, लेकिन  इसे ऐतिहासिक कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश यात्रा के दौरान इसका ऐलान करते हुए कहा था कि हमने सार्क में इसे करने की कोशिश की, उसमें सफल नहीं हुए, तो अलग से कर रहे हैं। बीबीआईएन (बांग्लादेश, भूटान, इंडिया व नेपाल) नाम वाले इस समझौते का प्रस्ताव भारत की ओर से पिछले साल नवंबर में काठमांडू में...
Monday, November 16, 2015
जिस "स्वस्थ्य सरकारी नीति के सात सिद्धांतों'' की हम यहाँ चर्चा कर रहे हैं, वे मुक्त अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। उनमें से प्रत्येक किसी विशेष मुद्दे पर किस तरह लागू होता है, इस संबंध में हमारी राय अलग-अलग हो सकती है, पर ये सिद्धांत अपने आप में स्थापित सत्य हैं। इन्हें मैंने नहीं बनाया है। बल्कि मैंने इन्हें सिर्फ एक जगह इकट्ठा किया है। ऐसा नहीं है कि मुक्त अर्थ व्यवस्था के आधार स्तंभ सिर्फ ये ही हैं या सिर्फ यही सत्य है, लेकिन ये एक संतुलित और सम्यक विचार जरूर प्रस्तुत...
Thursday, October 29, 2015

स्कूली शिक्षा को लेकर हरियाणा सरकार के मन में सम्मान की भावना बिल्कुल नहीं है, और ना ही यह नई शिक्षा नीति को लेकर गंभीर है। निजी स्कूलों की फेडरेशन लगभग दो महीने से शिक्षा का अधिकार (आरटीई) व 134ए की गलत नीतियों के खिलाफ जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन और हड़ताल कर रही है किंतु राज्य सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। ऐसा सुनने में आ रहा है कि नई शिक्षा नीति के बाबत विभिन्न राज्यों द्वारा प्राप्त अनुशंसाओं को लेकर आगामी 31 अक्टूबर को उत्तर भारतीय राज्यों की एक बैठक बुलाई गई है। किंतु हमें खेद...

Tuesday, February 17, 2015
जिस "स्वस्थ्य सरकारी नीति के सात सिद्धांतों'' की हम यहाँ चर्चा करने जा रहे हैं, वे मुक्त अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। उनमें से प्रत्येक किसी विशेष मुद्दे पर किस तरह लागू होता है, इस संबंध में हमारी राय अलग-अलग हो सकती है, पर ये सिद्धांत अपने आप में स्थापित सत्य हैं। इन्हें मैंने नहीं बनाया है। बल्कि मैंने इन्हें सिर्फ एक जगह इकट्ठा किया है। ऐसा नहीं है कि मुक्त अर्थ व्यवस्था के आधार स्तंभ सिर्फ ये ही हैं या सिर्फ यही सत्य है, लेकिन ये एक...

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