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Tuesday, March 29, 2011

कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के टेप और विकिलीक्स के खुलासे पिछले एक दशक में मजबूती से सामने आए दो बुनियादी और परस्पर संबंधित राजनीतिक नजरिये की पुष्टि करते हैं। इनमें एक वैश्विक है और दूसरा स्थानीय। इनमें से पहला सत्ता की प्रकृति के बारे में है। आधुनिक विश्व में अमेरिकी सैन्य शक्ति और उसकी व्यापारिक ताकत के अतिरिक्त सत्ता सूचनाओं पर ज्यादा टिकी है, जो हथियार या खजाने पर नियंत्रण रखती है। साइबरस्पेस में मजबूती से स्थापित यह सूचना तंत्र ही शक्ति का भंडार है। दूसरे का रिश्ता हमारी अपनी राजनीतिक और आर्थिक प्रवृत्तियों से है...

Monday, March 28, 2011

खाप यानी आकाश जितना विशाल व जल जितना पवित्र व निर्मल संगठन. वर्तमान में लगभग 3500 खाप अस्तित्व में है. ग्राम पंचायत जहाँ एक गाँव के लिए होती है, खाप पंचायत में कई-कई गाँव शामिल होते है. माना जाता है कि जितनी पूरानी जाट जाति है खाप का अस्तित्व भी उतना ही पुराना है. यह जाट समुदाय की मान्यताये, विश्वास, परम्पराए और मर्यादाएं नष्ट न हो इसका ध्यान रखती है ताकि जंगलराज स्थापित न हो जाये. खाप पर विस्तृत जानकारी के लिए विकि की इस कड़ी को देख सकते है.

सामान्य झगड़े फसाद का निपटारा हो तब तक...

Friday, March 25, 2011

सरकार के उत्तरदायित्व समूह के एक अनुमान के अनुसार, मौजूदा सरकारी स्कूलों में पिछले साल लागू हुए शिक्षा के नियमों  के तहत काम करने के लिए 152 बिलियन रुपए या करीब 3.4 बिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है।

कानून के तहत 6 से 14 साल के सभी बच्चों की नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के आदेश को पूरा करने के लिए इससे तीन गुना रकम या 11 बिलियन डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है।

हाल में उत्तरदायित्व कार्यवाही समिति की निदेशक यामिनी अय्यर ने कहा कि शिक्षा के अधिकार के निहितार्थ...

Thursday, March 24, 2011

दलितों के हित में कई कानून बनाए गए हैं, यही सोचकर कि हमेशा से शोषित समाज को उनका हक मिल सके और कानून के भय से ही सही, उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थिति मिल सके। लेकिन कानून किताबों में होता है और उसे लागू करवाने वाली संस्थाएं, पुलिस, वकील एवं न्यायाधीश अभी इसकी आत्मा से रूबरू नहीं हैं।

दलितों पर सवर्णो के अत्याचारों के बाबत मुकदमे दर्ज तो हो जाते हैं, पर ज्यादातर मुकदमे वे हार जाते हैं टेक्निकल गडबडियों के कारण। जबकि सर्वोच्च न्यायालय दूसरे मुकदमों में कहता रहता है कि टेक्निकल नुक्तों पर...

Wednesday, March 23, 2011

अभयारण्यों के आस-पास बसे लोगों के पुर्नवास के लिए अधिक धन उपलब्ध कराने का सरकार द्वारा हाल ही में फैसला लिया गया है। पर्यावरण मंत्री की मानें तो पुर्नवास के लिए अगले सात सालों में 77 हजार परिवारों को बसाने के लिए आठ हजार करोड़ की जरूरत पड़ेगी। सोचने वाली बात ये है कि क्या अगले सात सालों तक बाघ बचे रहे पाएंगे। जिस रफ्तार से उनकी संख्या घटती जा रही है, उससे तो इस बात की संभावना कम ही दिखाई देती है।

वर्तमान में देश में बाघों की संख्या 14-1500 से अधिक नहीं होगी। इस राष्ट्रीय प्राणी को बचाने के...

Thursday, March 17, 2011

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के रूप में पी जे थॉमस की नियुक्ति पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय और द्रविड़ मुन्नेत्र कषघम (द्रमुक) के केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर आने व सरकार को मुद्दों पर आधारित समर्थन देने के फैसले से उपजी स्थिति का प्रधानमंत्री को एक अवसर के रूप में दोहन करना चाहिए और संसद में विश्वास मत के लिए जाना चाहिए। प्रधानमंत्री और उन की सरकार को वास्तव में विश्वासमत का सामना करना चाहिए क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल मौजूदा लोकसभा को भंग नहीं करना चाहता और क्योंकि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अभी आंकड़ों को लेकर मजबूत...

Wednesday, March 16, 2011

संसद से लेकर सचिवालय तक और परिवार से लेकर समुदाय तक महिला अधिकारों के लिये महिलाओं की लड़ाई आज प्रतिशत के आकड़ों व आरक्षण की आग में बलि चढ़ रही है. विश्व महिला अधिकार दिवस के अवसर पर पिछले 6 दशको से अधिकारों की बाट में पिसती हुई महिला की वास्तविक तस्वीर देखने के लिये आप बुन्देलखण्ड की पत्थर मण्डी में काले सोने को तोड़ती और मौत की खदानों मे हथौड़ो की ठोकर लगाती महिलाओ को देखे तो यकीनन कह सकते है कि क्रशर के गुबार में खत्म हो रही है उन की ज़िन्दगी.

कानून के अनुसार किसी भी खदान में...

Tuesday, March 15, 2011

प्रकृति ने फिर एक बार कहर ढाकर पूरे जीव जगत को झकझोरकर रख दिया। जापान में पहले तो उच्च तीव्रता का भूकंप आया, जिससे तटीय इलाकों के भवनों और निर्माणों में आग लग गई और उसके बाद सुनामी की 10 मीटर ऊंची लहरों ने जो तबाही मचाई, उसके दृश्य पूरी दुनिया ने देखे। ऎसा लग रहा था मानो शहर के अंदर किसी ज्वालामुखी का लावा बह रहा हो। कहीं आग, तो कहीं पानी का सैलाब और उसमें उखड़कर बहते विकास के प्रतीकों का ऎसा मंजर शायद ही पहले कभी देखा गया होगा।

टापुओं के देश जापान में आया 8.9 तीव्रता का भूकंप तो...

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