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Monday, April 04, 2011

आदिवासी इलाकों में स्थित राशन दुकानों में खराब खाद्यान्न दिए जाने का आरोप लगाते हुए वामपंथी दल सीपीएम ने इसकी जांच विशेष निगरानी एजेंसी से कराए जाने और गोदामों में पड़ा खाद्यान्न गरीबों में वितरित किए जाने की मांग की है। बता दें कि करीब सात महीने पहले अगस्त 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने खाद्यान्न के कुप्रबंधन पर केंद्र सरकार को लताड़ पिलाई थी और कहा था कि बरबाद हो रहा अनाज मुफ्त में गरीबों को बांट दिया जाना चाहिए।

हाल ही में राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान सीपीएम की वृंदा करात ने यह...

Friday, April 01, 2011

आज के समय में सरकार की वो भूमिका नहीं रह गयी है जिसकी आज़ादी के समय परिकल्पना की गयी थी. आज जिस तरह निजी सेक्टर और दूसरे नागरिक संगठन समाज की ज़रूरतों को पूरा करने में लगे हुए हैं, उसे देखते हुए सरकार को अपनी भूमिका सिर्फ आवश्यक जिम्मेदारियों के निर्वहन तक ही सीमित कर देनी चाहिए. बड़ी सरकारी मशीनरी और हानि में चलने वाली सार्वजनिक इकाइयों से राष्ट्रीय कोष को लगातार नुकसान होता है. ऋण में रहना तो किसी भी तरह से हमारी सरकार के लिए हितकारी नहीं है. इसीलिए आवश्यक है की हम राज्य सरकारों और उनके द्वारा चालित इकाइयों को छोटा...

Wednesday, March 30, 2011

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट विश्व कप का सेमी फाइनल देखने आने के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी के फैसले से इस चर्चा को बल मिला है कि दोनों पड़ोसियों के ख़राब द्विपक्षीय संबंधों में सुधार आ सकता है।

हालांकि क्रिकेट कूटनीति का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। पाकिस्तान के भूतपूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ 2005 में बड़े धूमधाम के साथ एक-दिवसीय मैच देखने नई दिल्ली आये थे। आज की ही तरह तब भी श्री सिंह ने खेल के ज़रिए दोनों देशों को क़रीब लाने की कोशिश की थी।

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Tuesday, March 29, 2011

कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के टेप और विकिलीक्स के खुलासे पिछले एक दशक में मजबूती से सामने आए दो बुनियादी और परस्पर संबंधित राजनीतिक नजरिये की पुष्टि करते हैं। इनमें एक वैश्विक है और दूसरा स्थानीय। इनमें से पहला सत्ता की प्रकृति के बारे में है। आधुनिक विश्व में अमेरिकी सैन्य शक्ति और उसकी व्यापारिक ताकत के अतिरिक्त सत्ता सूचनाओं पर ज्यादा टिकी है, जो हथियार या खजाने पर नियंत्रण रखती है। साइबरस्पेस में मजबूती से स्थापित यह सूचना तंत्र ही शक्ति का भंडार है। दूसरे का रिश्ता हमारी अपनी राजनीतिक और आर्थिक प्रवृत्तियों से है...

Monday, March 28, 2011

खाप यानी आकाश जितना विशाल व जल जितना पवित्र व निर्मल संगठन. वर्तमान में लगभग 3500 खाप अस्तित्व में है. ग्राम पंचायत जहाँ एक गाँव के लिए होती है, खाप पंचायत में कई-कई गाँव शामिल होते है. माना जाता है कि जितनी पूरानी जाट जाति है खाप का अस्तित्व भी उतना ही पुराना है. यह जाट समुदाय की मान्यताये, विश्वास, परम्पराए और मर्यादाएं नष्ट न हो इसका ध्यान रखती है ताकि जंगलराज स्थापित न हो जाये. खाप पर विस्तृत जानकारी के लिए विकि की इस कड़ी को देख सकते है.

सामान्य झगड़े फसाद का निपटारा हो तब तक...

Friday, March 25, 2011

सरकार के उत्तरदायित्व समूह के एक अनुमान के अनुसार, मौजूदा सरकारी स्कूलों में पिछले साल लागू हुए शिक्षा के नियमों  के तहत काम करने के लिए 152 बिलियन रुपए या करीब 3.4 बिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है।

कानून के तहत 6 से 14 साल के सभी बच्चों की नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के आदेश को पूरा करने के लिए इससे तीन गुना रकम या 11 बिलियन डॉलर की ज़रूरत पड़ सकती है।

हाल में उत्तरदायित्व कार्यवाही समिति की निदेशक यामिनी अय्यर ने कहा कि शिक्षा के अधिकार के निहितार्थ...

Thursday, March 24, 2011

दलितों के हित में कई कानून बनाए गए हैं, यही सोचकर कि हमेशा से शोषित समाज को उनका हक मिल सके और कानून के भय से ही सही, उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थिति मिल सके। लेकिन कानून किताबों में होता है और उसे लागू करवाने वाली संस्थाएं, पुलिस, वकील एवं न्यायाधीश अभी इसकी आत्मा से रूबरू नहीं हैं।

दलितों पर सवर्णो के अत्याचारों के बाबत मुकदमे दर्ज तो हो जाते हैं, पर ज्यादातर मुकदमे वे हार जाते हैं टेक्निकल गडबडियों के कारण। जबकि सर्वोच्च न्यायालय दूसरे मुकदमों में कहता रहता है कि टेक्निकल नुक्तों पर...

Wednesday, March 23, 2011

अभयारण्यों के आस-पास बसे लोगों के पुर्नवास के लिए अधिक धन उपलब्ध कराने का सरकार द्वारा हाल ही में फैसला लिया गया है। पर्यावरण मंत्री की मानें तो पुर्नवास के लिए अगले सात सालों में 77 हजार परिवारों को बसाने के लिए आठ हजार करोड़ की जरूरत पड़ेगी। सोचने वाली बात ये है कि क्या अगले सात सालों तक बाघ बचे रहे पाएंगे। जिस रफ्तार से उनकी संख्या घटती जा रही है, उससे तो इस बात की संभावना कम ही दिखाई देती है।

वर्तमान में देश में बाघों की संख्या 14-1500 से अधिक नहीं होगी। इस राष्ट्रीय प्राणी को बचाने के...

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