आज़ाद हिन्दुस्तानी का ब्लॉग

नक्सलवाद:एक गंभीर समस्या...

सीआरपीएफ के 74 जवानों की नक्सली हमले में मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. इस समस्या पर केंद्र और राज्य सरकारों की बड़ी-बड़ी बातें हम कई बार सुन चुके हैं लेकिन इस समस्या का समाधान होने की बजाए पुलिस और सुरक्षा बलों के ज्यादा से ज्यादा कर्मी तथा साथ ही आम नागरिक दिन-ब-दिन इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों के बीच इस समस्या को लेकर कोई खास समन्वय दिखाई नहीं देता.

शिक्षा पर सियासत...

उत्तर प्रदेश में लगभग चार हजार करोड़ रु. से ज्यादा धन स्मारकों, पार्कों के निर्माण और उनके रख-रखाव पर खर्च किया जा रहा है। लेकिन बात जब शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) को लागू करने की आती है तो राज्य की मुख्यमंत्री केंद्र से अनुदान की दरकार के नाम पर आरटीई को लागू करने से कदम पीछे हटाती नजर आती हैं। यह हालत सिर्फ उत्तर प्रदेश की ही नहीं है बल्कि केंद्र को चिठ्ठी लिख कर फंड मांगने वालों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,  गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के नीतीश कुमार भी शामिल हैं।

कलाकार और राजनीति...

कहते हैं इनसान की पहचान उसके कर्मों से होती है। यह कथन कदम सही भी है, तभी तो अमिताभ आज एक महानायक

अभी भी समय शेष है...

एक बच्चा मांद से निकलकर, बड़ी ही बेबसी से अपनी मां का इंतजार करते हुए नजर आता है। उसे इंतजार है, शिकार पर

कैसी पंचायत?...

अगर पुरानी मान्यताओं पर नजर डालें तो पाएंगे कि पंचों को परमेश्वर माना जाता है और ऐसे में पंचायतों का फैसला यानी भगवान का फैसला। अगर यह पंच रुपी भगवान ही खुद को मिले अधिकारों का

कानून के तराजू पर निजी और सरकारी स्कूल...

मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से स्थानीय अखबारों में यह खबर सुर्खियों में है कि समान व नि:शुल्क शिक्षा अधिनियम के 1 अप्रैल से लागू होने के बाद अब तक कागजों पर दिखाए जाने वाला प्रव

यह कैसी खेल भावना...

ब्राजील में सॉकर, अमेरिका में बास्केटबॉल और भारत की ही तरह पाकिस्तान में क्रिकेट लोगों की के दिलों-जान में बसा है.

मन के हारे हार...

बीते दो दशक की बात करें तो भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद लोगों ने उम्मीदों की नई रोशनी देखी. कई लोगों की जिंदगी बदल गई और कई लोग अपनी जिंदगी बदल रहे हैं.

आस्था पर आघात...

आधुनिकता की दौड़ में सब लोग थोड़े-से दिमागी सुकून की दरकार रखते हैं। इसी के चलते तो अक्सर श्रद्धा, संस्कार और आस्था सरीखे धार्मिक और आध्यात्मिक चैनलों पर बाबाओं को प्रवचन देते

हादसों भरा सफर...

अगर बढ़ते सड़क हादसों पर गौर करें तो पता चलता है कि जहां संपन्नता आने से वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है वहीं आधुनिक जीवनशैली के चलते जीवन में तनाव भी बढ़ा है। इसी के कार

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