बैंक ने जारी किया 17 पैसे का चैक

एफ.डी. पर ब्याज के पेटे मिला वकील को चैक।

जयपुर के सीस्कीम इलाके में रहने वाले वकील संदीप अरोड़ा इन दिनों एक चैक को लेकर हैरान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे इस चैक को आखिर किस तरह भुनाएं। यदि बैंक में भुनाने भी जाएं तो राशि इतनी कम है कि मुद्रा ही चलन में नहीं है। दरअसल एचडीएफसी बैंक ने अरोड़ा को 17 नए पैसे का चैक जारी किया है। चैक पर जारीकर्ता के रूप में दो लोगों के हस्ताक्षर हैं।

अरोड़ा बताते हैं कि उन्हें तो यह भी याद नहीं आ रहा है कि बैंक ने कौन सी एफ.डी. पर ब्याज के पेटे उन्हें यह चैक जारी किया है। उनकी याददाश्त के अनुसार बैंक में इतनी कम राशि की तो कोई एफ.डी. उन्होंने नहीं करवाई जिस पर मात्र 17 नए पैसे ब्याज बनता हो। चैक के साथ भेजे पत्र में हालांकि बैंक ने एफडी का नंबर तो लिखा है, लेकिन यह नंबर उनके पास मौजूद एफडी नंबरों से मेल नहीं खाता है। फिर भी वे मानते हैं कि संभवत: बैंक ने किसी पुरानी एफडी पर लेनदेन में हुई चूक को ठीक करते हुए यह चैक जारी किया होगा।

अरोडा को आश्चर्य इस बात का है कि 17 नए पैसे तो चलन में ही नहीं हैं, फिर बैंक ने इतनी कम राशि का चैक क्यों जारी किया। सरकार में भी यह राउंड ऑफ का नियम बन चुका है। इसके तहत 49 पैसे तक न तो सरकार लेती है और न ही किसी को देती है। लेकिन 51 पैसे होने पर सीधे एक रुपया ही चार्ज किया जाता है। ऐसे में एचडीएफसी बैंक का चैक को जारी करने में ही काफी पैसा खर्च हो गया होगा।

एक चैक पर 50 रुपए का खर्चा आता है : बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बैंक ग्राहक से एक चैक के लिए सामान्यतया 2 रुपए चार्ज करते हैं। यदि बैंककर्मियों का वेतन, बिजली- पानी आदि खर्चों को जोड़ा जाए तो यह लागत करीब  50 रुपए आती है। चूंकि 17  नए पैसे चलन में नहीं हैं इसलिए बैंक ने नकद भुगतान के बजाय चैक जारी कर दिया होगा। इससे यह राशि ग्राहक के खाते में जमा हो जाएगी।

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