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मन के हारे हार...
बीते दो दशक की बात करें तो भारत में आर्थिक उदारीकरण के बाद लोगों ने उम्मीदों की नई रोशनी देखी. कई लोगों की जिंदगी बदल गई और कई लोग अपनी जिंदगी बदल रहे हैं.
आस्था पर आघात...
आधुनिकता की दौड़ में सब लोग थोड़े-से दिमागी सुकून की दरकार रखते हैं। इसी के चलते तो अक्सर श्रद्धा, संस्कार और आस्था सरीखे धार्मिक और आध्यात्मिक चैनलों पर बाबाओं को प्रवचन देते
हादसों भरा सफर...
अगर बढ़ते सड़क हादसों पर गौर करें तो पता चलता है कि जहां संपन्नता आने से वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है वहीं आधुनिक जीवनशैली के चलते जीवन में तनाव भी बढ़ा है। इसी के कार
बड़ों की छोटी हरकतें...
इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी, गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड और भारतीय राजनीतिज्ञ नारायण दत्त तिवारी में एक असम्मानजनक समानता है.
रूढ़िवादी दखलंदाजी...
क्या अपनी मर्जी से किसी के साथ, किसी विशेष दिन घूमना कोई अपराध है? लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है। समाज के कुछ ठेकेदार और परंपरा के पैरोकार अक्सर वैलेंटाइन डे के दिन अति सक्रि
बैगन के बहाने उठे सवाल...
बीटी बैगन की खेती के मसले पर काफी बवाल हुआ.
अक्षरों के चोर...
इतवार का दिन और दिल्ली में पुस्तक मेला, मुझे वैसे भी पढ़ने-लिखने का थोड़ा शौक रहा है, तो बस मैं पुस्तक मेले के लिए रवाना हो गया। मेरा ऑटो ज्यों ही एक रेड लाइट पर रुका, तो क्या देखता हूं फटेहाल एक किशोर हाथ में कुछ किताबें थामे एकदम मेरे सामने आ गया। उसके पास अरविंद अडिगा की बूकर पुरस्कार प्राप्त व्हाइट टाइगर, चेतन भगत की टू स्टेट्स, फाइव प्वाइंट समवन, अमर्त्य सेन की



