ट्रबलमेकर्स यानी मुसीबत

...जोनाथन को पैदल चलते कई घंटे हो चुके थे लेकिन दूर-दूर तक ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा था जिससे पता चल सके कि आसपास किसी तरह का जीवन भी है। अचानक पास की झाड़ी में कुछ हिलने की आहट हुई। पीली धारीदार पूंछवाला एक छोटा सा जानवर झाड़ियों के बीच मुश्किल से नजर आ रह रास्ते से नीचे की ओर भागा। शायद एक बिल्ली थी। जोनाथन ने सोचा, क्या पता यही मुझे किसी बस्ती तक पहुंचा दे। जोनाथन ने घनी झाड़ियों के बीच कूद लगा दी।

 

समुद्री किनारा नजरों से हटने तक वह जंगल के बीचोंबीच पहुंच चुका था। अचानक उसे जोर से चीखने की आवाज सुनाई दी। वह रुक गया, और सिर घुमा कर देखने लगा कि आखिर आवाज आ कहां से रही थी। उस समय, मदद के लिए एक और गुहार बहुत जोर से ठीक सामने सुनाई दी। एक ढलान पर झाड़ियों और बेलों के बीच जैसे-तैसे रास्ता बनाते हुए वह एक चौड़े रास्ते पर पहुंच गया।

 

इस रास्ते पर एक तीखा मोड़ लेते ही जोनाथन एक हट्टे कट्टे आदमी से जा टकराया। ‘मेरे रास्ते से हटो छुटकू,’ उसे एक मच्छर की तरह हटाते हुए वह आदमी चिल्लाया। हैरान जोनाथन ने नजरें ऊपर की और देखा कि दो आदमी एक औरत को लात मारते और उस पर चिल्लाते हुए खींच कर ले जा रहे हैं। जब तक जोनाथन संभल पाता तब तक वे तीनों जा चुके थे। यह जानते हुए कि वह अकेला उस औरत को छुड़ा नहीं सकता, जोनाथन किसी को मदद के लिए ढूंढने पीछे की ओर भागा।

 

आगे एक खुली जगह थी और उसने देखा कि कुछ लोग डंडियों से एक बड़े पेड़ को पीट रहे हैं। जोनाथन भाग कर गया और एक आदमी की बांह पकड़ ली, जो दूसरे लोगों को काम करते हुए देख रहा था। हांफते हुए जोनाथन ने कहा ‘प्लीज सर, मेरी मदद कीजिए, दो आदमियों ने एक औरत को पकड़ लिया है। उसे छुड़ाने में मदद चाहिए।’

 

‘चिंता मत करो,’ रूखी सी आवाज में उस आदमी ने जवाब दिया। ‘उस औरत को गिरफ्तार किया गया है, उसे भूल जाओ और आगे बढ़ो, हमें काम करना है।’

 

‘गिरफ्तार?’ जोनाथन बोला, वह अबतक हांफ रहा था। ‘लेकिन वो तो ऐसी... मेरा मतलब है अपराधी जैसी नहीं लग रही थी’। जोनाथन सोच रहा था कि अगर उस औरत ने कोई अपराध किया था जो वह मदद के लिए इतनी जोर से चिल्ला क्यों रही थी? वह फिर उस आदमी की और मुड़ा, ‘माफ कीजिएगा महोदय, लेकिन उसका अपराध क्या था?’

 

‘हंह?’ चिढ़ी हुई सी आवाज में वो आदमी बोला, ‘अब तुम जानना ही चाहते हो तो सुनों, वह औरत यहां काम कर रहे सब लोगों की नौकरियों के लिए खतरा बना गई थी।’ ‘लोगों की नौकरियों को उससे खतरा था? लेकिन कैसे?’ जोनाथन ने पूछा।

 

एक के बाद एक सवाल पूछ रहे जोनाथन को घूर कर देखते हुए सुपरवाइजर ने उसे एक पेड़ के पास आने का इशारा किया। बहुत से मजदूर पूरी तल्लीनता से उस पेड़ को लकड़ियों से पीट रहे थे। वह आदमी गर्व से बोला ‘हम पेड़े काटने वाले मजदूर हैं, हम इन लकड़ियों से पीट पीट कर पेड़ को गिरा देते हैं। कभी कभी सौ आदमी दिन रात काम करके एक महीने से भी कम समय में अच्छे खासे पेड़ को गिरा देते हैं। ’ उस आदमी ने होंठ सिकोड़े और अपने शानदार कोट की बांह से चिपके तिनके को बहुत नजाकत के साथ हटाने लगा।

 

‘वह औरत ड्राबोज आज सुबह तेज धार वाले धातु के टुकड़े के साथ आई जिसका एक सिरा पेड़ पीटने वाली उसकी लकड़ी की डंडी से जुड़ा था। उसने एक घंटे से भी कम समय में एक पेड़ काट लिया वो भी अकेले ही! सोंचो तो जरा! हमारे परंपरागत रोजगार के लिए इतने जबरदस्त खतरे को तो रोकना ही था।’

 

जोनाथन की आंखें आश्चर्य से फैल गईं। वह यह सुनकर भौचक्का था कि उस औरत को उसकी समझदारी के लिए सजा दी जा रही थी। उसके अपने इलाके में हर कोई पेड़ काटने के लिए कुल्हाड़ी और आरी का इस्तेमाल करता था। अपनी नाव बनाने के लिए जोनाथन को लकड़ी ऐसे ही मिली थी। आश्चर्य के साथ चिल्लाते हुए जोनाथन बोला ‘लेकिन उस औरत की इस नई खोज से लोग मजबूत पेड़ को काट सकेंगे। क्या इससे कम समय में लकड़ी पाना और उससे चीजें बना पाना आसान और सस्ता नहीं हो जाएगा?’

 

‘क्या मतलब है तुम्हारा?’ उस आदमी ने गुस्से से कहा। ‘कोई भी इस तरह के विचार को बढ़ावा कैसे दे सकता है?’ ‘इस तरह के नये नये तरीके खोजने वाले किसी भी कमजोर आदमी द्वारा यह महान काम नहीं किया जा सकता।‘

 

‘लेकिन सर,’ जोनाथन कोशिश कर रहा था कि उस आदमी को बुरा न लगे, ‘पेड़ काटने वाले ये मजदूर बेहतर कारीगर और समझदार लोग हैं। पेड़ काटने के लिए आसान तरीक से बचने वाले समय का इस्तेमाल ये लोग दूसरे काम में लगा सकते हैं। ये लोग मेजें, दराजें, नावें यहां तक कि घर भी बनवा सकते हैं।’

 

‘ऐ लड़के,’ उस आदमी ने धमकी देने वाले अंदाज में जोनाथन को देखकर कहा, ‘काम का मकसद पूर्ण और सुरक्षित रोजगार सुरक्षित करना है, नई चीजें बनाना नहीं।’ उसके तेवर अब और खतरनाक हो गए थे। ‘तुम मुझे मुश्किल पैदा करने वाले नजर आ रहे हो। जो भी उस औरत का साथ दे रहा है वो हमारे लिए परेशानी की वजह है। तुम आए कहां से हो?’

 

‘मैं तो मिस ड्राबोह को जानता तक नहीं, और मेरा मतलब किसी तरह की मुश्किल पैदा करना नहीं है, सर। मुझे लगता है कि आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। अब मुझे चलना चाहिए, ’ यह कहते हुए जोनाथन मुड़ा और जिस रास्ते से आया था उसी से वापस चल दिया। इस टापू के लोगों से पहली मुलाकात के बाद वह काफी घबराया हुआ सा था।

 

विचार विमर्श

  ·         काम करने का उद्देश्य क्या है?

  ·         मेहनत बचाने के लिए नए तरीके अपनाना सही है या गलत?

  ·         क्यों?

  ·         नए तरीके अपनाने से कौन प्रभावित होगा?

  ·         नए तरीकों को किस तरह रोका जा सकता है?

  ·         इस तरह के कुछ उदाहरण क्या होंगे?

  ·         लोग अगर अपने काम को बदलते हैं को क्या यह उनके लिए बुरा है?

  ·         ताकत का इस्तेमाल करने में न्याय संबंधी कौन कौन से मुद्दे जुड़े हैं?

  

सीखः

“अर्थव्यवस्था से संबंधित भ्रमों में से सबसे ज्यादा सुनाई देने वाली यह धारणा है कि कुल मिलाकर मशीनें बेरोजगारी पैदा करती हैं।”

- हेनरी हैज़लिट्ट

 

- आजादी.मी

-साभारः केन स्कूललैंड (लेखक हवाई पैसेफिक युनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं)

"दि एडवेंचर्स ऑफ जोनाथन गलिबल" का हिंदी रुपांतरण

 

Category: