आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक में भारत 10 पायदान फिसला

- फ्रेजर इंस्टिट्यूट व सेंटर फॉर सिविल सोसायटी द्वारा जारी वैश्विक रैंकिंग में 102 से फिसलकर 112वें स्थान पर पहुंचा भारत
- आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में भूटान (78), नेपाल (108) व श्रीलंका (111) से पिछड़ा पर चीन (113), बांग्लादेश (121) व पाकिस्तान (133) से रहा आगे
- आर्थिक रूप से स्वतंत्र देशों की सूची में हांगकांग शीर्ष पर, सिंगापुर व न्यूजीलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे पायदान पर

नई दिल्ली। फ्रेज़र इंस्टिट्यूट, कनाडा द्वारा जारी वार्षिक आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक सूची (इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स लिस्ट) में भारत दस पायदान फिसलकर 112वें क्रम पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष जारी सूची में भारत की रैंकिंग 102 थी। आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में 159 देशों की सूची में में भारत को 112वें क्रम पर रखा गया है। पड़ोसी देश भूटान, नेपाल व श्रीलंका क्रमशः 78वें, 108वें व 111वें क्रम के साथ सूची में भारत से ऊपर हैं जबकि चीन, बांग्लादेश व पाकिस्तान को सूची में भारत से नीचे स्थान मिला है और उनकी रैंकिंग क्रमशः 113, 121 व 133 है। सूची में हांगकांग को फिर से शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है।

बृहस्पतिवार को फ्रेज़र इंस्टिट्यूट, कनाडा व उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा ‘इकोनॉमिक फ्रीडम ऑफ द वर्ल्ड’ रिपोर्ट को विश्वभर में जारी किया गया। भारत में फ्रेज़र इंस्टिट्यूट की सहयोगी संस्था थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी है। यह रैंकिंग दुनिया भर से जुटाए गए वर्ष 2014 के आंकड़ों पर आधारित है। रैंकिंग प्रदान करने के लिए देश में सरकार के आकार (साइज ऑफ गवर्नमेंट), कानून प्रणाली और संपत्ति के अधिकार (लीगल सिस्टम एंड प्रॉपर्टी राइट्स), मौद्रिक नीति (साउंड मनी), वैश्विक व्यापार की आजादी (फ्रीडम टू ट्रेड इंटरनेशनली)  व नियमन (रेग्युलेशन) को आधार बनाया जाता है। भारत का प्रदर्शन सरकार के आकार को छोड़ अन्य सभी वर्गों में खराब रहा है। सरकार के आकार के हिसाब से भारत विश्व में 8वें स्थान पर है किंतु कानून प्रणाली और संपत्ति के अधिकार, मौद्रिक नीति, वैश्विक व्यापार की आजादी, नियमन आदि वर्गों में इसका प्रदर्शन अत्यंत खराब रहा है और इसे क्रमशः 86वां, 130वां, 144वां व 132वां स्थान प्राप्त हुआ है।

फ्रेज़र इंस्टिट्यूट के साथ सुंयक्त रूप से रिपोर्ट जारी करते हुए सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के प्रेसिडेंट डा. पार्थ जे. शाह ने कहा कि उच्च आर्थिक स्वतंत्रता का सीधा संबंध नागरिकों की समृद्धि और जीवन की उच्च गुणवत्ता से है। जबकि कम आर्थिक स्वतंत्र देशों में प्रायः नागरिकों की स्वतंत्रता और अधिकारों को दबाने की प्रवृत्ति होती है। 
वर्तमान सूची में हांगकांग के बाद सिंगापुर, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, कनाडा, जॉर्जिया, आयरलैंड, मॉरिसस व संयुक्त अरब अमीरात को क्रमशः दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें, छठें, सातवें, आठवें व नौवें स्थान पर रखा गया है। दसवें स्थान के लिए ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम के बीच टाई हुआ है।
सूची में अंत के दस देश क्रमशः ईरान, अल्जीरिया, चाड, गुएना, अंगोला, सेंट्रल ऐफ्रिकन रिपब्लिक, अर्जेंटिना, रिपब्लिक ऑफ कांगो, लिबिया और वेनेजुएला हैं। जबकि अन्य महत्वपूर्ण देशों जैसे यूनाइटेड स्टेट्स जर्मनी, जापान, फ्रांस, रूस को सूची में क्रमशः 16वें, 30वें, 40वें, 57वें और 102 स्थान पर रखा गया है।

रिपोर्ट को विस्तार से पढ़ने के लिए क्लिक करें.. http://www.freetheworld.com/release.html

- आजादी.मी

 

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